टी20 वर्ल्ड कप: गौतम गंभीर की ‘फ्लूइड बैटिंग’ रणनीति ने क्रिकेट जगत को चौंकाया

T20 World Cup: Gautam Gambhir's 'fluid batting' strategy surprises cricketing fraternityचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस मुकाबले में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति ने सबका ध्यान खींचा। कुछ महीनों पहले गंभीर ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में तय बल्लेबाजी क्रम को “ओवररेटेड” बताया था, और इस मैच में उन्होंने अपनी इसी सोच को मैदान पर साबित कर दिया।

इस मुकाबले में भारत की फ्लूइड बैटिंग लाइन-अप और सटीक गेंदबाजी रणनीति ने इंग्लैंड को पूरे मैच में दबाव में रखा। गौतम गंभीर की मैच-अप आधारित सोच और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी ने भारत को शानदार जीत दिलाते हुए फाइनल का टिकट दिला दिया।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बाद में कहा कि वह पहले बल्लेबाजी करना ही चाहते थे, और टीम की बल्लेबाजी ने उनके इस फैसले को सही साबित किया।

शिवम दुबे को नंबर 4 पर भेजने का मास्टरस्ट्रोक

जब इंग्लैंड के लेग स्पिनर आदिल राशिद ने 10वें ओवर में ईशान किशन को आउट किया, तब सभी को उम्मीद थी कि सूर्यकुमार यादव बल्लेबाजी के लिए आएंगे। लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट ने चौंकाते हुए शिवम दुबे को नंबर 4 पर भेज दिया।

यह फैसला पूरी तरह मैच-अप रणनीति पर आधारित था, क्योंकि दुबे को लेग स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाज माना जाता है। दुबे ने इस मौके का फायदा उठाते हुए राशिद के खिलाफ सिर्फ 8 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल थे।

दूसरी ओर संजू सैमसन ने राशिद के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन दुबे की आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया।

लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन से इंग्लैंड की रणनीति बिगड़ी

सैमसन के आउट होने के बाद भारत ने लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाए रखने के लिए हार्दिक पांड्या को भेजा। इस रणनीति से इंग्लैंड के गेंदबाज लय नहीं पकड़ सके और कप्तान ब्रूक को बार-बार अपनी फील्ड और गेंदबाजी बदलनी पड़ी।

दुबे की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण ब्रूक को जोफ्रा आर्चर को तय समय से पहले गेंदबाजी के लिए लाना पड़ा। वहीं तिलक वर्मा को डेथ ओवर्स के लिए बचाकर रखा गया, क्योंकि उनकी तेज गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी मजबूत मानी जाती है।

गेंदबाजी में भी दिखी रणनीतिक सोच

भारत की रणनीतिक योजना सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं थी। गेंदबाजी में भी कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गंभीर की योजना साफ नजर आई।

हार्दिक पांड्या को पावरप्ले में जल्दी लाया गया और उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट कर दिया। जसप्रीत बुमराह को खासतौर पर हैरी ब्रूक के खिलाफ इस्तेमाल किया गया। उनकी धीमी गेंद पर ब्रूक ने गलत शॉट खेला और अक्षर पटेल ने शानदार रनिंग कैच लेकर उन्हें पवेलियन भेज दिया।

मैच के आखिरी चरण में बुमराह की गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। भारत ने उनके तीन ओवर आखिरी 10 ओवरों के लिए बचाकर रखे थे। 16वें और 18वें ओवर में बुमराह ने सिर्फ 14 रन दिए, जबकि इंग्लैंड को उस समय प्रति ओवर 14 रन की जरूरत थी।

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