इंग्लैंड टीम के हेड कोच बने रहेंगे ब्रेंडन मैकुलम, हालिया हार के बावजूद ECB का भरोसा बरकरार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: ब्रेंडन मैकुलम को हालिया निराशाजनक नतीजों के बावजूद इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच पद पर बनाए रखा जा सकता है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) फिलहाल टीम के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है, लेकिन बोर्ड मैकुलम के नेतृत्व को जारी रखने के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के हाथों इंग्लैंड की हार के बाद मैकुलम के पद को लेकर सवाल उठने लगे थे। मुंबई में खेले गए इस मुकाबले में हार के साथ ही इंग्लैंड के लिए एक कठिन सर्दियों का दौर खत्म हुआ, जिसमें टीम को कई फॉर्मेट्स में निराशाजनक नतीजे मिले।
इंग्लैंड की स्थिति उस समय और मुश्किल हो गई जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम का प्रदर्शन कमजोर रहा। एशेज़ में हार के बाद मैकुलम के कार्यकाल की आलोचना तेज हो गई। इसके साथ ही दौरे के दौरान कुछ ऑफ-फील्ड घटनाओं की खबरों ने भी टीम मैनेजमेंट पर दबाव बढ़ा दिया था।
मैकुलम ने जताई कोच बने रहने की इच्छा
सेमीफाइनल हार के बाद मैकुलम ने साफ कहा कि वह इस भूमिका को जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह काम बेहद पसंद है और पिछले कुछ वर्षों में टीम ने कई अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
मैकुलम ने कहा कि वह कुछ समय लेकर टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करना चाहते हैं ताकि यह समझा जा सके कि क्या काम कर रहा है और क्या नहीं।
इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रुक ने भी मैकुलम का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने विश्व कप से बाहर होने के बाद कहा कि टीम को आगे बढ़ाने के लिए मैकुलम का अनुभव और नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण है।
ECB ने शुरू की समीक्षा
ECB ने ऑस्ट्रेलिया में हुए एशेज अभियान की औपचारिक समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि खराब प्रदर्शन के कारणों का पता लगाया जा सके। हालांकि इस प्रक्रिया के दौरान भी मैकुलम टीम के साथ जुड़े हुए हैं और सभी फॉर्मेट्स की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ECB और टीम मैनेजमेंट मानते हैं कि दीर्घकालिक सफलता के लिए निरंतरता जरूरी है। इसी कारण मैकुलम को आगामी वर्षों में टेस्ट टीम के पुनर्निर्माण और 2027 में होने वाली घरेलू एशेज सीरीज की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की योजना है।
बोर्ड का मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए टीम में स्थिरता बनाए रखना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए अहम होगा।
