राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे पर विवाद; ममता बनर्जी का पलटवार, BJP पर लगाया आरोप

Controversy erupts over President Draupadi Murmu's visit to Bengal; Mamata Banerjee hits back, blames BJPचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर उठे विवाद पर पलटवार करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की ओर से किसी भी तरह की प्रोटोकॉल चूक नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है और भारतीय जनता पार्टी देश के सर्वोच्च पद का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रही है।

कार्यक्रम को लेकर क्या है विवाद

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने दौरे के दौरान कहा था कि उन्हें पहले बिधाननगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन बाद में कार्यक्रम का स्थान बदलकर गोशाईपुर कर दिया गया, जहाँ अपेक्षाकृत कम लोग मौजूद थे। उन्होंने यह भी आश्चर्य जताया कि आदिवासियों पर केंद्रित कार्यक्रम में न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही राज्य सरकार के कोई मंत्री उपस्थित थे।

ममता बनर्जी का जवाब

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि कार्यक्रम राज्य सरकार का नहीं बल्कि इंटरनेशनल संथाल कौंसिल द्वारा आयोजित एक निजी आयोजन था, जिसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थीं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार वह या उनके मंत्री इस कार्यक्रम के मंच या स्वागत लाइनअप का हिस्सा ही नहीं थे।

बनर्जी के अनुसार, सिलीगुड़ी जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति के दौरे से पहले ही राष्ट्रपति सचिवालय को लिखकर बताया था कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त व्यवस्थाएँ नहीं हैं और आयोजक पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहे। यह जानकारी फोन के माध्यम से भी दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति की एडवांस टीम ने 5 मार्च 2026 को स्थल का दौरा किया था और उन्हें भी व्यवस्थाओं की कमी के बारे में बताया गया था, फिर भी कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया गया।

स्वागत और विदाई को लेकर स्पष्टीकरण

ममता बनर्जी ने बताया कि राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई तय प्रोटोकॉल के अनुसार हुई। इस दौरान सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का नाम आधिकारिक लाइनअप या मंच योजना में शामिल ही नहीं था, इसलिए राज्य सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप निराधार है।

BJP पर लगाया गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ने BJP पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति के नाम पर राजनीति की जा रही है।

इससे पहले कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि वे राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि “BJP की सलाह पर” इस मुद्दे को राजनीतिक बनाया जा रहा है।

चुनावी माहौल का भी किया ज़िक्र

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में चुनावी माहौल है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रपति साल में एक बार आएँ तो वह स्वागत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन चुनाव के समय लगातार दौरे होने पर हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है।

इस पूरे मामले के बाद राष्ट्रपति के दौरे और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।

 

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