पश्चिम एशिया तनाव के बीच कमर्शियल LPG संकट: मुंबई-बेंगलुरु में होटल-रेस्तरां बंद होने की चेतावनी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अचानक कमी ने आतिथ्य क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के होटल-रेस्तरां संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो आने वाले कुछ दिनों में कई रेस्तरां और होटल बंद हो सकते हैं।
एलपीजी की कमी तेजी से फैल रही है और इसका असर पहले ही मुंबई के कई रेस्तरां पर दिखने लगा है। फिलहाल लगभग 10–20 प्रतिशत होटल गैस की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन यदि स्थिति नहीं सुधरी तो अगले दो दिनों में यह समस्या 100 प्रतिशत रेस्तरां तक पहुँच सकती है। रेस्तरां संचालकों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखा गया है और महाराष्ट्र सरकार के साथ भी बातचीत चल रही है।
रेस्तरां संचालकों का कहना है कि रविवार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग रुक गई है। कुछ जगहों पर सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी कीमत बढ़कर लगभग 1,950 रुपये तक पहुँच गई है, जबकि आधिकारिक कीमत करीब 1,750 रुपये है।
संकट का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। दो कनेक्शन वाले कई उपभोक्ताओं ने जल्दबाजी में सिलेंडर बुक कर दिए हैं, जिससे डीलरों के पास लंबी कतारें और डिलीवरी में देरी हो रही है। जहाँ पहले सिलेंडर 2–3 दिन में मिल जाता था, वहीं अब डिलीवरी में 2 से 8 दिन तक लग रहे हैं।
कर्नाटक में भी स्थिति गंभीर होती जा रही है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कहा है कि अगर गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो 10 मार्च से कई होटल संचालन बंद कर सकते हैं।
सरकार ने घरेलू आपूर्ति को दी प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने कहा है कि मौजूदा संकट के बीच घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पतालों को एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर 15 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है ताकि जमाखोरी और काला बाजारी रोकी जा सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत एलपीजी की आपूर्ति स्थिर करने के लिए अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से आयात के विकल्प तलाश रहा है। साथ ही रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू जरूरतों के लिए अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच सरकार ने तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति भी बनाई है, जो होटल-रेस्तरां और अन्य उद्योगों की गैस जरूरतों की समीक्षा कर उपलब्ध मात्रा का आवंटन करेगी।
