राज्यसभा चुनाव से पहले हरियाणा कांग्रेस के विधायक हिमाचल शिफ्ट, क्रॉस वोटिंग रोकने की कोशिश
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव से पहले संभावित क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए हरियाणा कांग्रेस ने अपने विधायकों को राज्य से बाहर भेज दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों का काफिला हिमाचल प्रदेश की ओर रवाना हुआ, जहां उन्हें मतदान तक एक सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के विधायक दो टेंपो ट्रैवलर और कई निजी वाहनों में सवार होकर हिमाचल के परवाणू होते हुए शिमला की ओर गए। वहां उन्हें किसी होटल या रिसॉर्ट में ठहराया जा सकता है, जहां वे राज्यसभा चुनाव के दिन तक रहेंगे।
बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ का आरोप
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” नहीं है। वहीं, हरियाणा कांग्रेस मामलों के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा, “बीजेपी वोट चोरी करने की कोशिश कर रही है और हमारे विधायकों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमें अपने विधायकों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारे सभी 37 विधायक एकजुट हैं और हमारे उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध जीतेंगे।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारना दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवार ने भी भाजपा पर विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा धन और दबाव की राजनीति के जरिए कांग्रेस को तोड़ने में सफल नहीं होगी।
16 मार्च को होगा मतदान
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है।विधानसभा में भाजपा के पास 48 विधायक हैं और पार्टी ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है, जिनकी एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है।
वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और पार्टी ने दलित नेता करमवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। जीत के लिए कांग्रेस को कम से कम 31 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी।
हालांकि मुकाबला दिलचस्प हो गया है क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल भी मैदान में हैं। उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है और कई निर्दलीय विधायक भी उनके साथ बताए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को आशंका है कि अगर कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की तो चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकता है।
इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व ने अपने विधायकों को फिलहाल हिमाचल प्रदेश में रखने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि विधायक 16 मार्च तक वहीं रहेंगे और मतदान के दिन निगरानी में वापस हरियाणा लाए जाएंगे।
