“हमसे प्यार, लेकिन मोदीजी से शादी”: कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की एच.डी. देवगौड़ा पर टिप्पणी से पीएम मोदी हंस पड़े

"Love for us, but marriage with Modiji": PM Modi laughs at Congress President Kharge's remark on H.D. Deve Gowda.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: राज्यसभा में आज आमतौर पर देखने को मिलने वाले शोर-शराबे और तीखी नोकझोंक की जगह हंसी-ठिठोली का माहौल देखने को मिला। इसकी वजह बने कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, जिन्होंने अपने विदाई भाषण के दौरान हल्का-फुल्का मजाक कर सदन का माहौल खुशनुमा बना दिया।

अपने संबोधन में खड़गे ने कहा कि राज्यसभा में बिताया गया समय उनके लिए बेहद समृद्ध अनुभव रहा। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार का जिक्र किया, जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है (हालांकि पवार दोबारा सदन में लौटेंगे)।

खड़गे ने मजाकिया अंदाज में देवेगौड़ा पर चुटकी लेते हुए कहा, “मैं उन्हें 54 साल से जानता हूं। उन्होंने हमें डेट किया, हमसे प्यार किया, लेकिन शादी नरेंद्र मोदी से कर ली।” इस टिप्पणी पर पूरे सदन में ठहाके गूंज उठे और प्रधानमंत्री मोदी भी मुस्कुराते नजर आए।

गौरतलब है कि 1996 में बनी संयुक्त मोर्चा सरकार में देवेगौड़ा प्रधानमंत्री बने थे, जिसे कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। बाद के वर्षों में कर्नाटक की राजनीति में जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन किया, लेकिन 2019 में सरकार गिरने के बाद जेडीएस ने बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया—जिस पर खड़गे ने यह तंज कसा।

अपने भाषण में खड़गे ने डीएमके नेता तिरुचि शिवा और शरद पवार के साथ अपने लंबे संबंधों का भी जिक्र किया और उनके दोबारा राज्यसभा में आने पर खुशी जताई।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (ए) प्रमुख रामदास अठावले पर भी हल्का कटाक्ष करते हुए कहा कि “वह अपनी कविताओं में हमेशा मोदीजी की ही तारीफ करते हैं, उन्हें कोई और कविता आती ही नहीं,” जिस पर कांग्रेस सदस्यों के बीच मुस्कान फैल गई।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे राज्यसभा सदस्यों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि राजनीति में “फुल स्टॉप” नहीं होता। उन्होंने नए सांसदों को देवेगौड़ा, खड़गे और पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं से सीखने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने रामदास अठावले का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में हास्य और व्यंग्य की परंपरा धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन “हमारे अठावले सदाबहार हैं।”

इस वर्ष राज्यसभा की 37 सीटें खाली हुई थीं, जिनमें से 26 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि बाकी सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ।

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