कोई लॉकडाउन नहीं, ‘टीम इंडिया’ के तौर पर काम करना होगा; पीएम मोदी ने ईरान युद्ध के असर पर मुख्यमंत्रियों से कहा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच देश की स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्यों से एकजुट होकर “टीम इंडिया” की भावना से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह बात मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक हालात को “गतिशील और अनिश्चित” बताते हुए कहा कि भारत को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहना होगा। उन्होंने आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, उद्योग और सप्लाई चेन को मजबूत करने तथा नागरिकों के हितों की रक्षा पर विशेष जोर दिया।
यह बैठक 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद राज्यों के साथ पहली बड़ी समीक्षा बैठक थी। इस दौरान मोदी ने COVID-19 के समय केंद्र और राज्यों के बीच हुए तालमेल को याद करते हुए कहा कि उसी “टीम इंडिया” भावना ने देश को कठिन दौर से बाहर निकाला था। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान वे नियमित रूप से मुख्यमंत्रियों से संवाद करते थे और समय-समय पर निर्णय लेते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वही समन्वय और सहयोग आज भी भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
ऊर्जा संकट और कुकिंग गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा, “देश में किसी भी तरह का राष्ट्रीय लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है।
मोदी ने राज्यों को सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने गलत सूचनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी का प्रसार बेहद जरूरी है, ताकि जनता में किसी तरह की घबराहट न फैले।
सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री ने शिपिंग, समुद्री गतिविधियों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर ध्यान देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की भी चेतावनी दी।
कृषि क्षेत्र में भी अग्रिम योजना बनाने पर जोर देते हुए मोदी ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से कंट्रोल रूम सक्रिय करने, हेल्पलाइन शुरू करने और पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों के परिवारों की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा। दीर्घकालिक तैयारी पर बल देते हुए उन्होंने सौर ऊर्जा और बायोफ्यूल जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और देश में तेल व गैस के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में तेजी लाने का आह्वान किया।
इससे पहले, केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर सभी दलों की बैठक कर नेताओं को स्थिति से अवगत कराया था। वहीं, लोक सभा में अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं, ऐसे में देश को एकजुट और तैयार रहने की जरूरत है।
