ईगो नहीं, बराबरी है रिश्ते की नींव: अभिषेक बच्चन ने शादी और सफलता पर खुलकर की बात
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अभिनेता अभिषेक बच्चन ने हाल ही में अपने वैवाहिक जीवन और सोच को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनका “सख्त अहंकार ” ही वह वजह है, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ पारंपरिक जेंडर रोल्स को कभी स्वीकार नहीं किया।
शादी में बराबरी का नजरिया
50 वर्षीय अभिनेता ने लिली सिंह के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि उनके लिए मर्दानगी का मतलब यह नहीं है कि वह अपनी पत्नी को कमतर महसूस कराएं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो किसी और के रुक जाने से जीत हासिल करे। मुझे सिखाया गया है कि अपनी जीत खुद कमानी चाहिए।”
अभिषेक ने स्पष्ट किया कि वह ऐसी शादी में विश्वास नहीं रखते जहां पत्नी को पति के अहंकार के लिए अपने सपनों से समझौता करना पड़े। उन्होंने कहा कि खुशी की बात यह है कि ऐश्वर्या भी इसी सोच को मानती हैं।
अभिषेक बच्चन ने अपने माता-पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी हुई थी, तब उनकी मां बड़ी स्टार थीं। इसलिए उनके लिए यह स्थिति कभी असामान्य नहीं रही।
रिश्ते की शुरुआत और समझ
अभिषेक और ऐश्वर्या की पहली मुलाकात फिल्मों के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे और धीरे-धीरे उनका रिश्ता आगे बढ़ा। उन्होंने कहा, “हमारे बीच कभी यह तय नहीं हुआ कि कौन क्या करेगा। हमारा रिश्ता हमेशा स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़ा।”
अभिषेक ने अपनी बेटी आराध्या बच्चन की परवरिश पर भी बात की। उन्होंने कहा कि माता-पिता के रूप में वे उसे सिखाने के बजाय खुद उदाहरण पेश करने में विश्वास रखते हैं।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी इतनी सक्षम हैं कि उन्हें बेटी को आत्मरक्षा सिखाने की जरूरत नहीं पड़ती। अभिषेक बच्चन ने अंत में कहा कि उनके घर में कभी यह प्रतिस्पर्धा नहीं होती कि “कौन ज्यादा मर्द है या कौन ज्यादा महिला।” उनके अनुसार, एक सफल शादी का आधार बराबरी, सम्मान और समझ है।
