मशहूर पत्रकार और भाजपा के दिग्गज नेता बलबीर पुंज का निधन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और इसके पूर्व उपाध्यक्ष बलबीर पुंज का शनिवार शाम निधन हो गया। उनके निधन के साथ ही राजनीति, पत्रकारिता और सार्वजनिक चिंतन के क्षेत्र में एक लंबे और प्रभावशाली करियर का अंत हो गया।
पुंज को BJP के बौद्धिक और नीति-निर्धारक हलकों का एक महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था। उन्होंने राज्यसभा में संसद सदस्य (MP) के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने उच्च सदन में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर होने वाली बहसों में अपना योगदान दिया।
राजनीति में आने से पहले पुंज ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक विशिष्ट करियर बनाया था। उन्होंने 1971 में ‘द मदरलैंड’ नामक एक दैनिक समाचार पत्र के प्रकाशन के साथ अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी।
वे 1974 में ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ से जुड़े। उन्होंने 1996 तक, दो दशकों से भी अधिक समय तक फाइनेंशियल एक्सप्रेस में काम किया। वे अपने पैने विश्लेषण और टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। बाद में, उन्होंने मई 1996 से मार्च 2000 तक ‘द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स’ के कार्यकारी संपादक के रूप में कार्य किया।
पुंज पत्रकारिता से जुड़ी संस्थाओं में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे थे। उन्होंने 1989 और 1991 के बीच लगातार दो कार्यकाल तक ‘दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, और 1993 से 1995 तक ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स’ के महासचिव रहे। उनका योगदान मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में भी रहा; उन्होंने मार्च 2000 तक दो वर्षों के लिए दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया प्रशिक्षण संगठन, IIMC की अध्यक्षता की।
सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में, पुंज ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, जिनमें ‘राष्ट्रीय युवा आयोग’ के अध्यक्ष और 1996-97 के दौरान ‘दिल्ली वित्त आयोग’ के सदस्य के पद शामिल हैं। उनके कार्यों में शासन-प्रशासन और युवा विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता की झलक मिलती थी।
एक लेखक और स्तंभकार के रूप में, वे अपने अंतिम दिनों तक सक्रिय रहे, और हिंदी तथा अंग्रेजी के समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में बड़े पैमाने पर लेखन कार्य करते रहे। उनके आजीवन योगदान को मान्यता देते हुए, 18 मई 2022 को उन्हें ‘लाइफलांग देवर्षि नारद सम्मान’ से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से देश ने एक अनुभवी पत्रकार, विचारक और राजनीतिक हस्ती को खो दिया है।
