‘एक्स मुस्लिम’ सलीम वस्तिक तो गुरु घंटाल निकला,  31 साल से पहचान छुपाकर पुलिस को दे रहा था चकमा

‘Ex-Muslim’ Salim Vastik Turns Out to Be a Master Conman; Had Been Evading the Police for 31 Years While Concealing His Identity.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर एक पुराने सनसनीखेज मामले का अहम खुलासा किया है। आरोपी, जो सोशल मीडिया पर खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ बताकर विवादित वीडियो बनाता था, को गाजियाबाद के लोनी इलाके से पकड़ा गया।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सलीम वास्तिक के रूप में हुई है, जिसका असली नाम सलीम खान है। वह वही शख्स है जिसे वर्ष 1995 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। घटना के समय बच्चे का अपहरण कर अगले ही दिन 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी और जान से मारने की धमकी दी गई थी।

जांच के दौरान पुलिस का शक सलीम खान पर गया, जो उस समय पीड़ित बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था। सख्त पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया था और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया गया। इसके बाद 1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई।

हालांकि, साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत के बाद सलीम फरार हो गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। बाद में 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, लेकिन तब तक वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिप चुका था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान उसने खुद को मृत घोषित कर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की। उसने अपना नाम बदलकर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक रख लिया और हरियाणा व उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रहकर पहचान छिपाता रहा। इस दौरान वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हुआ और ‘एक्स मुस्लिम’ के रूप में वीडियो बनाकर चर्चा में आने लगा।

आखिरकार वह गाजियाबाद के लोनी इलाके में बस गया, जहां वह कपड़ों का कारोबार करते हुए सामान्य जीवन जी रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि कर ली। इसके बाद टीम ने सटीक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब तीन दशकों तक कानून से बचने के लिए बेहद चालाकी से अपनी पहचान बदलते हुए जीवन बिताया। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद यह जांच भी की जा रही है कि फरारी के दौरान उसने और कौन-कौन सी गतिविधियां कीं और किन लोगों ने उसकी मदद की।

करीब 31 साल पुराने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो यह दर्शाती है कि कानून से बच पाना आखिरकार संभव नहीं होता।

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