आधुनिकता में विरासत का ताना-बाना: सीसीआईसी ने की हेरिटेज डिज़ाइनर कलेक्शन “सोल थ्रेड्स” का आयोजन
दिलीप गुहा
नई दिल्ली: वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय कुटीर उद्योग निगम (सीसीआईसी) ने अपने पुनरुद्धार अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में अपने पहले हेरिटेज डिज़ाइनर कलेक्शन “सोल थ्रेड्स” का शुभारंभ किया।
प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन 24 अप्रैल को सचिव (वस्त्र) श्रीमती नीलम शामी राव, आईएएस द्वारा किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव एस.सी.एल. दास, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल, विकास आयुक्त (हैंडलूम) डॉ. एम. बीना, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अमृत राज, सीसीआईसी के अध्यक्ष अखिलेश कुमार तथा प्रबंध निदेशक कमोडोर राजीव अशोक सहित वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि शामिल थे।
शिल्प और कूट्योर की शाम, नवाचार के साथ खादी का पुनर्जीवन
उद्घाटन संध्या में कलेक्शन का विशेष पूर्वावलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) द्वारा एक फैशन शो आयोजित किया गया। हेरिटेज डिज़ाइनर कलेक्शन ने भारत की समृद्ध पारंपरिक वस्त्र विरासत से प्रेरणा लेते हुए उसे समकालीन डिज़ाइन दृष्टिकोण के साथ नए रूप में प्रस्तुत किया। इस शाम को देश की विविध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते जीवंत लोक प्रस्तुतियों ने और भी आकर्षक बना दिया।
CoEK की परियोजना निदेशक प्रो. (डॉ.) सुधा ढींगरा ने खादी इंडिया की परिकल्पना पर प्रकाश डालते हुए इस पहल की डिज़ाइन प्रमुख—अपैरल प्रमुख सुश्री नरगिस जैदी और टेक्सटाइल प्रमुख सुश्री सुनंदा दावर—का परिचय कराया।
खादी उत्कृष्टता केंद्र की भूमिका
वर्ष 2021 में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा स्थापित खादी उत्कृष्टता केंद्र (CoEK) का उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) को सहयोग प्रदान करना है। इसका लक्ष्य खादी संस्थानों को उच्च गुणवत्ता वाले, विशिष्ट खादी उत्पादों के डिज़ाइन, उत्पादन और विपणन में सक्षम बनाना है, ताकि वे घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
यह केंद्र परिधान, एक्सेसरीज़ और गृह सज्जा के क्षेत्रों में नवाचार, प्रयोग और डिज़ाइन विकास का केंद्र बनकर खादी की समकालीन प्रासंगिकता को सुदृढ़ कर रहा है।
तीन थीम में सजी फैशन शो प्रस्तुति
फैशन शो को तीन विषयगत अनुक्रमों में प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रत्येक ने खादी की बहुआयामी पहचान को अलग-अलग रूप में उभारा, अनेक, माटी और पुनः।
“अनेक” में खादी साड़ियों की विविधता को रेखांकित किया गया, जिसमें विभिन्न रेशों, बनावटों और तकनीकों का समावेश था। कॉटन, सिल्क और एरी सिल्क के मेल से तैयार परिधान पारंपरिक और आधुनिक अभिव्यक्ति के संतुलन को दर्शाते थे।
“माटी” ने धरती से जुड़े सौंदर्य को केंद्र में रखते हुए जोधपुर की डाबू ब्लॉक प्रिंट और गुजरात की अज्रख शैली को प्रस्तुत किया। लाल और काले रंगों की गहरी छटा में यह श्रृंखला शिल्प, बनावट और लय के सुंदर संगम को दर्शाती रही।
“पुनः” का अर्थ है “नवजीवन”। इस खंड में खादी को आधुनिक और टिकाऊ दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया, जिसमें अपसाइक्लिंग के माध्यम से बची हुई कपड़ों को नया रूप देकर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार डिज़ाइन को बढ़ावा दिया गया।
भारतीय शिल्प के लिए नई दृष्टि
इस अवसर पर सीसीआईसी के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा, “ ‘सोल थ्रेड्स’ के माध्यम से सीसीआईसी भारत की पारंपरिक शिल्प विरासत को पुनर्जीवित करने, नवाचार के साथ जोड़ने और बुनकरों व हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के अपने संकल्प को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा, “इस पहल के जरिए हम अग्रणी डिज़ाइनरों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक कलाकारों को एक प्रतिष्ठित मंच प्रदान करना चाहते हैं, साथ ही भारत की कालजयी वस्त्र परंपराओं और शिल्पकला के संरक्षण व संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करते हैं।”
इस प्रदर्शनी में भारत की उत्कृष्ट शिल्प कृतियों का चयनित संग्रह प्रस्तुत किया गया है, जिसमें विशेष रूप से तैयार साड़ियाँ, डिज़ाइनर परिधान, हस्तनिर्मित आभूषण और गृह सज्जा की वस्तुएँ शामिल हैं।
