विश्व हिंदी परिषद की दिल्ली प्रदेश इकाई गठित

Delhi State Unit of Vishwa Hindi Parishad Constitutedचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: विश्व हिंदी परिषद, जो विश्व में हिंदी के प्रचार प्रसार का काम करती है, इसकी दिल्ली प्रदेश इकाई का गठन किया गया है। ‘परिषद’ की बैठक 25 अप्रैल को हरियाणा भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस अवसर पर विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव- डॉ विपिन कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. डी पी मिश्र, दिल्ली प्रदेश इकाई के संयोजक श्री बालाजी श्रीवास्तव, दिल्ली प्रदेश, परिषद की इकाई अध्यक्ष ऋचा चतुर्वेदी और उपाध्यक्ष अभिलाषा मिश्रा सहित अनेक हिंदी प्रेमी, राजभाषा से जुड़े अधिकारी और जिज्ञासु इस बैठक में उपस्थित थे।

आरंभ में ‘परिषद’ की दिल्ली प्रदेश इकाई की अध्यक्ष- डॉ. ऋचा चतुर्वेदी ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। राष्ट्रीय महासचिव विपिन कुमार ने विस्तार से विश्व हिंदी परिषद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य हिंदी को विश्वस्तर तक विस्तार देना है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष (2026 में) अक्टूबर में 30 एवं 31 तारीख को पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न (स्व.) अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का थीम है हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन।

इस बैठक में ‘परिषद’ के दिल्ली प्रदेश- संयोजक बालाजी श्रीवास्तव ने बहुत ही प्रेरक उद्बोधन किया। अपने सेवाकाल में हिंदी के प्रति अपने प्रेम और लगाव के कई द्वार प्रेरक प्रसंगों की कड़ी में पाथेय रूप में उन्होंने कहा लक्ष्य केवल दिल्ली में ही हिंदी के विस्तार का नहीं होना चाहिए, हमारा उद्देश्य हिंदी का विस्तार सर्वत्र होना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. ऋचा चतुर्वेदी ने विश्व हिंदी परिषद की दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की। इस कार्यकारिणी में डॉ. ऋचा चतुर्वेदी अध्यक्ष, अभिलाषा मिश्रा- उपाध्यक्ष, डॉ अरविंद कुमार सिंह -महामंत्री, पार्थसारथि थपलियाल- सहमहामंत्री, डॉ. राजबीर सिंह- संयुक्त मंत्री, हेमंत कुमार ‘हेम’, मीडिया प्रभारी- राजीव रंजन, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार के अलावा कई हिंदी के विद्वानों को कार्यकारिणी का सदस्य शामिल हैं।

बैठक के खुले सत्र में विश्व हिंदी परिषद के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए वैदिक मंत्र – “समानो मन्त्रः समितिः समानी, समानं मनः सह चित्तमेषाम्“ का भाव संजोए विद्वत मंडली ने अपना परिचयात्मक थाल प्रस्तुत किया तो अहसास हुआ कि इसमें सेवानिवृत अनुभवी लोग हैं, कार्यरत सबल, सक्षम प्रतिभाएं हैं, संगठनकर्ता हैं, साहित्यकार हैं, वैज्ञानिक हैं, पत्रकार हैं साथ ही मनोयोगी भी हैं।

इस अवसर पर विपिन कुमार, बालाजी श्रीवास्तव और डी. पी. मिश्र ने कार्यकारिणी के सदस्यों को दायित्व संबंधी पत्र प्रदान किये।

इस आयोजन में सुबोध भारद्वाज का काव्य संग्रह- स्वर्णिम विहान तथा सरिता जोशी का काव्य संग्रह भावांजलि का विमोचन भी किया गया। डॉ. विपिन कुमार ने गृहमंत्री- अमित शाह के प्रति आभार किया जिनसे हिंदी परिषद को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलता रहता है।

अंत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी. पी. मिश्र ने कहा आंचलिक स्तर पर आंचलिक भाषाएं पल्लवित हों और राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी का विस्तार हो। अंग्रेज गए अंग्रेजियत जाए। ऐसा हमारा प्रयास हो। उन्होंने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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