‘जरूरत पड़ी तो शारीरिक फुटबॉल भी खेलेंगे’: पैराग्वे पर जीत के बाद किलियन एम्बाप्पे

'We will play physical football if needed': Kylian Mbappé after the win over Paraguay
(File Photo/Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में पैराग्वे को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची फ्रांस की टीम के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ आकर्षक और आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली टीम नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर संघर्षपूर्ण और शारीरिक खेल में भी जीत हासिल करना जानती है।

मैच के बाद एम्बाप्पे ने कहा कि पैराग्वे के खिलाफ मुकाबले ने साबित कर दिया कि फ्रांस हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “अगर हमें अपने हाथ गंदे करने पड़ें, तो हम ऐसा भी करेंगे। उन्हें लगा था कि हम सिर्फ खूबसूरत फुटबॉल खेलेंगे, शानदार पास और आक्रमण करेंगे। लेकिन हम जरूरत पड़ने पर कड़ा और संघर्षपूर्ण फुटबॉल खेलना भी जानते हैं। आज हमने वही किया और ऐसे मुकाबले में भी हम उनसे बेहतर साबित हुए।”

पैराग्वे ने पूरे मैच के दौरान फ्रांस की लय बिगाड़ने की कोशिश की और खिलाड़ियों को लगातार शारीरिक टकराव में उलझाए रखा। हालांकि, एम्बाप्पे ने कहा कि उनकी टीम पहले से ही ऐसे मुकाबले के लिए मानसिक रूप से तैयार थी।

उन्होंने कहा, “हमें पहले से अंदाजा था कि मैच किस तरह का होगा। आज हमने दिखा दिया कि हम सिर्फ आक्रमण करने वाली टीम नहीं हैं, बल्कि हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकते हैं।”

‘जीत ही सबसे बड़ा लक्ष्य है’

मैच के अंतिम क्षणों में पैराग्वे ने फ्रांस के खिलाड़ियों को उकसाने की भी कोशिश की, लेकिन एम्बाप्पे ने इसे विपक्षी टीम की रणनीति बताते हुए कहा कि फुटबॉल में जीत हासिल करना ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा, “यह उनका खेलने का तरीका है। हर टीम अपने-अपने हथियारों का इस्तेमाल करती है। फुटबॉल खेलने का कोई सही या गलत तरीका नहीं होता। सिर्फ एक ही तरीका होता है और वह है जीतना। उन्होंने हमें उसी अंदाज में हराने की कोशिश की, लेकिन हमने उन्हें उनके ही खेल में मात दे दी।”

अब मोरक्को से होगी टक्कर

पैराग्वे के खिलाफ कठिन मुकाबला जीतने के बाद फ्रांस अब क्वार्टर फाइनल में मोरक्को का सामना करेगा। इस मुकाबले में एम्बाप्पे की भिड़ंत उनके करीबी दोस्त और पूर्व पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) टीम के साथी अश्रफ हकीमी से होगी।

एम्बाप्पे ने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उसने मुझे पहले ही मैसेज कर दिया होगा, लेकिन मैंने अभी तक देखा नहीं है। हम जानते हैं कि मोरक्को बेहद मजबूत टीम है और हम उनके खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित हैं। मैदान पर उतरते ही दोस्ती अपनी जगह होगी और मुकाबला अपनी जगह। हम टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए अपना सबकुछ झोंक देंगे।”

फ्रांस की टीम शानदार लय में नजर आ रही है और एम्बाप्पे के बयान से साफ है कि दिदिएर देशां की टीम सिर्फ खूबसूरत फुटबॉल ही नहीं, बल्कि किसी भी परिस्थिति में जीत हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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