कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में तीन तमिल लोगों की मौत पर विजय ने जताया आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच की मांग

Vijay expresses outrage over the deaths of three Tamils ​​in the Cauvery Wildlife Sanctuary; demands a high-level inquiry.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कर्नाटक के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में तीन तमिल लोगों की गोली लगने से हुई मौत पर गहरा दुख और आक्रोश जताया है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि फायरिंग को लेकर वन विभाग की ओर से दी गई सफाई “स्वीकार्य नहीं” है।

विजय ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

मृतकों की पहचान कर्नाटक के चामराजनगर जिले के निवासी एंथनी सैमी, जॉन रोज़ पीटर और कुमार के रूप में हुई है। विजय के अनुसार, तीनों को 15 अगस्त की सुबह गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।

घटना के बाद इसमें शामिल वन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए विजय ने घटना को “दिल दहला देने वाला” बताया और तीनों लोगों की मौत को “बर्बर” करार दिया। उन्होंने कहा कि फायरिंग से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकार की सूचना के बाद हुई फायरिंग

बताया गया है कि यह घटना कावेरी वन्यजीव अभयारण्य की शाग्या रेंज के घने जंगल वाले इलाके में हुई। वन कर्मियों को संदिग्ध शिकार की सूचना मिली थी, जिसके बाद उनका सामना चार लोगों से हुआ। इनमें से एक व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहा।

कर्नाटक के अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही फायरिंग की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या संदिग्ध लोगों ने वन कर्मियों पर गोली चलाई थी और क्या अधिकारियों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी।

एम.के. स्टालिन ने भी की निंदा

DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने तीनों मौतों को “बर्बर और अमानवीय” बताते हुए तमिलनाडु सरकार से इस मामले को कर्नाटक सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का आग्रह किया।

घटना को लेकर दोनों राज्यों में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। अब सभी की नजर मजिस्ट्रेट जांच और अन्य जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किन परिस्थितियों में फायरिंग हुई और तीन लोगों की जान कैसे गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *