आयुष शेट्टी ने रचा इतिहास, वर्ल्ड नंबर-1 शी यूकी को हराकर विश्व चैंपियनशिप से किया बाहर

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने विश्व चैंपियनशिप में अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। 21 वर्षीय आयुष ने सोमवार, 17 अगस्त को चीन के वर्ल्ड नंबर-1 और डिफेंडिंग चैंपियन शी यूकी को रोमांचक मुकाबले में 21-14, 13-21, 21-19 से हराकर टूर्नामेंट के पहले ही दौर में बड़ा उलटफेर कर दिया।
दिल्ली में घरेलू दर्शकों के सामने खेल रहे आयुष की यह शी यूकी पर पहली जीत है। इससे पहले वह चीनी खिलाड़ी के खिलाफ तीन मुकाबले हार चुके थे। अप्रैल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में भी शी यूकी ने उन्हें एकतरफा अंदाज में 21-8, 21-10 से हराया था।
ड्रॉ में नाम देखकर नहीं घबराए आयुष
जब विश्व चैंपियनशिप का ड्रॉ लाइव निकाला जा रहा था और आयुष के सामने पहले दौर में शी यूकी का नाम आया, तब भी भारतीय खिलाड़ी के चेहरे पर चिंता नहीं दिखी। उनके कोच सागर चोपड़ा के मुताबिक, आयुष ने कभी यह नहीं सोचा कि उन्हें पहले दौर में वर्ल्ड नंबर-1 से क्यों भिड़ना पड़ रहा है। वह इस मुकाबले को लेकर उत्साहित थे।
मैच से पहले भी आयुष काफी सहज नजर आए। अभ्यास के दौरान वह हंसी-मजाक करते रहे और स्टेडियम जाते समय भी उनका अंदाज बिल्कुल सामान्य था। कोर्ट की ओर जाते हुए एक युवा प्रशंसक ने उन्हें हाई-फाइव दिया, जिसका आयुष ने मुस्कुराकर जवाब दिया।
सिर्फ आक्रामकता नहीं, धैर्य भी दिखाया
6 फीट 4 इंच लंबे आयुष अपनी ताकतवर स्मैश के लिए जाने जाते हैं और विक्टर एक्सेलसन को अपना आदर्श मानते हैं। लेकिन शी यूकी के खिलाफ उनकी जीत सिर्फ आक्रामक खेल की वजह से नहीं आई। इस बार आयुष ने सही समय का इंतजार किया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ऊंचे शॉट खेले, डिफेंस मजबूत रखा और डिफेंस से तुरंत अटैक में आने की क्षमता दिखाई।
कोच सागर चोपड़ा ने बताया कि आयुष पीछे से जोरदार स्मैश लगाने में जल्दबाजी नहीं कर रहे थे। उन्होंने नेट शॉट्स, क्लियर और लिफ्ट का इस्तेमाल कर कोर्ट को खोलने की कोशिश की। पहले गेम में आयुष ने शुरुआत से ही लय पकड़ ली। एक लंबी 45-शॉट रैली जीतने के बाद उन्होंने अपनी ताकतवर स्मैश का प्रभावी इस्तेमाल किया। उन्होंने पहला गेम 21-14 से अपने नाम किया।
हालांकि दूसरे गेम में शी यूकी ने वापसी की। उन्होंने रैलियों को नियंत्रित किया, आयुष को कोर्ट पर खूब दौड़ाया और नेट पर अपनी विविधता का फायदा उठाया। आयुष यह गेम 13-21 से हार गए और मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंच गया।
16-5 की बढ़त लगभग गंवा दी
तीसरे गेम में आयुष ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने डिफेंस और अटैक का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 11-5 और फिर 16-5 की बड़ी बढ़त बना ली। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी आसानी से मुकाबला खत्म कर देंगे। लेकिन वर्ल्ड नंबर-1 ने हार नहीं मानी। शी यूकी ने लगातार अंक जुटाए और आयुष की 16-5 की बढ़त घटकर 18-15 हो गई। इसके बाद मुकाबला बेहद तनावपूर्ण हो गया और आयुष आखिरकार 19-20 से पीछे हो गए।
निर्णायक समय पर लगाया शानदार पुश
मैच प्वाइंट पर आयुष ने दबाव में भी धैर्य नहीं खोया। उन्होंने एक शानदार डिसेप्टिव पुश खेला, जिसे शी यूकी रोक नहीं सके। इसके बाद आयुष ने अगला अंक हासिल कर मुकाबला 21-19 से अपने नाम कर लिया। कोच सागर चोपड़ा ने बताया कि यह शॉट आयुष की पहले से मौजूद ताकत है और ऐसे दबाव के क्षण में उसे खेलने का फैसला उनकी स्वाभाविक समझ को दिखाता है।
जीत के बाद आयुष ने भी माना कि वह एक समय घबरा गए थे। उन्होंने खुद को लगातार शांत रहने और आक्रामक बने रहने के लिए कहा। आयुष ने दिसंबर से स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट के साथ भी काम शुरू किया था। कोचों के मुताबिक, इस दौरान मैच के दबाव में भावनाओं को नियंत्रित करने और कोर्ट पर अधिक आक्रामक रहने पर काम किया गया।
तीसरे गेम में जब शी यूकी लगातार वापसी कर रहे थे, तब आयुष ने खुद को शांत रखने की कोशिश की। उन्होंने कुछ अंकों के बाद स्पॉट जंप करके खुद
