DMK के मुखपत्र ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर विजय-त्रिशा पर निशाना साधा, तमिलनाडु की सियासत गरमाई
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय और अभिनेत्री तृषा को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। DMK नेता उदयनिधि स्टालिन की तृषा पर कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी को लेकर विवाद के कुछ दिनों बाद अब DMK के मुखपत्र Murasoli ने विजय पर निशाना साधा है।
Murasoli के एक तीखे संपादकीय में तमिलनाडु सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा की मौजूदगी और विजय के साथ उनके अभिवादन के आदान-प्रदान पर सवाल उठाए गए। संपादकीय ने इसे “शर्मनाक तमाशा” बताते हुए विजय के आचरण को गरिमा और शिष्टाचार के अनुरूप नहीं बताया।
फ्रंट रो में विजय के माता-पिता के साथ बैठीं तृषा
फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान तृषा विजय के माता-पिता के साथ फ्रंट रो में बैठी नजर आईं। पीली साड़ी पहने तृषा ने विजय के राष्ट्रीय ध्वज फहराने और औपचारिक कार्यक्रम की समीक्षा करने के दौरान उन्हें सलामी भी दी।
Murasoli ने इसी घटना को लेकर विजय की आलोचना की और दावा किया कि उनके इस व्यवहार को उनके समर्थक भी आसानी से स्वीकार नहीं कर पाए।
तृषा इससे पहले मई में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। उस दौरान वह भावुक होती हुई नजर आई थीं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी लगातार मौजूदगी ने विजय और तृषा की दोस्ती को लेकर चल रही अटकलों को फिर हवा दे दी है।
विजय और तृषा की दोस्ती पर लंबे समय से चर्चा
विजय और तृषा की दोस्ती लंबे समय से चर्चा और अटकलों का विषय रही है। यह मामला ऐसे समय में और संवेदनशील हो गया है जब विजय की निजी जिंदगी को लेकर भी कई तरह की खबरें सामने आ चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, विजय की पत्नी संगीता ने फरवरी 2026 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। याचिका में मानसिक क्रूरता, भावनात्मक उपेक्षा, परित्याग और कथित व्यभिचार जैसे आधारों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, उन्होंने इस महीने की शुरुआत में तलाक की याचिका वापस ले ली।
उदयनिधि की टिप्पणी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
तृषा को लेकर यह नया राजनीतिक विवाद DMK नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद सामने आया है। उदयनिधि को 4 अगस्त को तृषा पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी टिप्पणी को व्यापक रूप से अभिनेत्री का अपमान करने वाली माना गया, जिसके बाद TVK की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। हालांकि, उसी दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अब DMK के मुखपत्र द्वारा तृषा की मौजूदगी को लेकर विजय पर निशाना साधने से तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
इस पूरे विवाद के बीच पूर्व BJP नेता के. अन्नामलाई ने भी राजनीतिक दलों की पुरानी शैली पर टिप्पणी की। चेन्नई में India Today Tamil Nadu Roundtable में उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता अब भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए “गाली देने”, “किसी महिला को बीच में लाने” और “किसी मां को बीच में लाने” जैसी पुरानी रणनीतियों पर निर्भर हैं।
अन्नामलाई ने बिना सीधे नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक वंशवादी नेता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि राजनीतिक जमीन बदल चुकी है। वहीं, तृषा और विजय की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह में उनकी मौजूदगी को लेकर उठे इन राजनीतिक सवालों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
