कुलदीप यादव को वायरल फीवर, इसलिए दूसरे टेस्ट से हुए बाहर: सितांशु कोटक

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रविवार को स्पष्ट किया कि स्पिनर कुलदीप यादव को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से वायरल फीवर के कारण बाहर रखा गया था। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल न करने के लिए बीमारी का बहाना बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
कोटक ने कहा कि गॉल से लौटते समय कुलदीप को वास्तव में वायरल फीवर था और इसी वजह से वह मैच के लिए चयन के लिहाज से उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने यह भी बताया कि कुलदीप अब बीमारी से काफी हद तक उबर चुके हैं और रविवार शाम वह बेहतर नजर आए।
कुलदीप के दो दिनों तक नेट्स में नजर नहीं आने के सवाल पर गेंदबाजी कोच सैराज बहुतुले ने पहले इसे यात्रा से जुड़ी थकान बताया था। हालांकि, कोटक ने साफ तौर पर वायरल फीवर की बात कही। कोटक के मुताबिक, अगर टीम को स्पिनर की जरूरत है और कोई खिलाड़ी फिट नहीं है, तो उसकी अनुपलब्धता छिपाने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि कुलदीप मैच के लिए उपलब्ध ही नहीं थे, इसलिए उनके चयन को लेकर किसी दूसरी संभावना पर विचार करना उचित नहीं था।
कुलदीप की अनुपलब्धता के साथ श्रीलंका की शीर्ष क्रम में चार बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी ने भारत को ऑफ स्पिनर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू कराने के लिए प्रेरित किया। कोटक ने कहा कि तीन तेज गेंदबाजों या तीन स्पिनरों के संयोजन पर विचार करते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ ऑफ स्पिन का विकल्प उपयोगी लगा।
विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लाहिरू कुमारा की गेंद से बांह पर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें तीन रन पर रिटायर होना पड़ा। कोटक ने हालांकि उम्मीद जताई कि पंत दूसरे दिन फिर बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे और उनकी स्थिति गंभीर नहीं है। देवदत्त पडिक्कल ने इस सीरीज में लगातार दूसरा शतक लगाते हुए 168 गेंदों पर 117 रन बनाए। उनकी पारी की तारीफ करते हुए कोटक ने कहा कि पडिक्कल ने मिले मौके का शानदार फायदा उठाया है।
उन्होंने पडिक्कल के इरादे, संयम और बल्लेबाजी की गति को खास तौर पर सराहा। कोटक ने कहा कि पडिक्कल पिछले करीब डेढ़ से दो साल से अपने मौके का इंतजार कर रहे थे और उनकी तैयारी तथा अवसर का फायदा उठाने की क्षमता बेहद सकारात्मक संकेत है। हालांकि, क्या पडिक्कल ने नंबर-3 स्थान पक्का कर लिया है, इस पर कोटक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पडिक्कल इस स्थान पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और आगे भी इसी नंबर पर खेल सकते हैं, लेकिन उनके लिए फिलहाल बल्लेबाजी क्रम से ज्यादा महत्वपूर्ण रन बनाना है।
भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 300 रन बना लिए। कोटक ने इसे अच्छा स्कोर बताया, लेकिन कहा कि अगर भारत तीन विकेट पर 300 रन तक पहुंचता तो स्थिति और बेहतर होती। उन्होंने बताया कि भारत के तीन बल्लेबाज 50, 45 और 43 रन बनाकर आउट हुए। इनमें से किसी एक ने भी शतक में अपना स्कोर बदला होता तो भारत दिन का अंत तीन या अधिकतम चार विकेट खोकर कर सकता था।
अब भारत की उम्मीदें ऑलराउंडरों और निचले क्रम के बल्लेबाजों से हैं। कोटक का मानना है कि अगर भारतीय टीम दूसरे दिन का पहला सत्र अच्छी तरह निकाल लेती है, तो वह ऐसा स्कोर खड़ा कर सकती है जिसे टीम मजबूत कुल स्कोर मानेगी।
