स्विमिंग वीडियो विवाद में, किरेन रिजिजू ने “राज्यसभा पुरस्कार” के लिए पवन खेड़ा पर कटाक्ष किया

Amid the swimming video row, Kiren Rijiju took a dig at Pawan Khera over the "Rajya Sabha award."चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए। रिजिजू ने दावा किया कि असम विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने के बदले खेड़ा को राज्यसभा की सीट ‘इनाम’ के तौर पर दी गई।

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया कि राहुल गांधी ने असम चुनाव के आखिरी चरण में पवन खेड़ा से हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी के खिलाफ कथित झूठे आरोप लगाने को कहा था। रिजिजू के मुताबिक, जब ये आरोप उलटे कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हुए तो खेड़ा को राज्यसभा भेज दिया गया।

पवन खेड़ा को जून में कांग्रेस शासित कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था। इसी चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मंसूर अली खान भी निर्विरोध चुने गए थे, जबकि बीजेपी के एम. नागराज भी राज्यसभा पहुंचे।

अपनी उम्मीदवारी घोषित होने के बाद खेड़ा ने कहा था कि पार्टी नेतृत्व, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उन्हें यह अवसर दिया है और वह इसके लिए उनके आभारी हैं।

तैराकी के वीडियो से शुरू हुआ विवाद

रिजिजू और पवन खेड़ा के बीच मौजूदा विवाद की शुरुआत केंद्रीय मंत्री के एक तैराकी वीडियो से हुई। रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में नदी में तैरते हुए अपना वीडियो पोस्ट किया था और कथित तौर पर राहुल गांधी को भी ऐसी परिस्थितियों में तैरने की चुनौती दी थी।

इसके बाद पवन खेड़ा ने रिजिजू पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी बीजेपी के लिए किस कदर परेशानी का कारण बन गए हैं कि रिजिजू को नदी में ‘हाफ नेकेड’ तैरते हुए भी राहुल गांधी की याद आ रही है।

रिजिजू ने इसके जवाब में खेड़ा को निशाने पर लिया और कहा कि वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को खेड़ा के ‘अनुशासनहीन आचरण’ के बारे में बताएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि खेड़ा पहली बार राज्यसभा के सांसद बने हैं।

हिमंत सरमा और पवन खेड़ा के बीच क्या है मामला?

रिजिजू का आरोप उस मामले से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा फिलहाल जमानत पर हैं और जांच जारी है।

5 अप्रैल को असम विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। खेड़ा ने दावा किया था कि उनके पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं, दुबई में संपत्ति है और अमेरिका में पंजीकृत एक कंपनी के जरिए संपत्तियों पर नियंत्रण है।

हिमंत सरमा और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।

इसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इनमें चुनाव से संबंधित झूठे बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी और मानहानि से जुड़ी धाराएं शामिल थीं। 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास की तलाशी भी ली।

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत

गौहाटी हाई कोर्ट ने 24 अप्रैल को खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि यह पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है कि कथित दस्तावेज उन्हें किसने उपलब्ध कराए।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 30 अप्रैल को हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की थी कि चुनाव से ठीक पहले खेड़ा की टिप्पणियां राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से की गई थीं। अदालत ने यह भी कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा के कुछ बयान भी संसदीय भाषा के अनुरूप नहीं थे।

फिलहाल किरेन रिजिजू के ताजा आरोपों ने पवन खेड़ा और बीजेपी के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। हालांकि, रिजिजू द्वारा लगाए गए ‘राज्यसभा सीट इनाम के तौर पर देने’ के आरोप पर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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