लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास पर कहा, ‘अब मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं बचा’

Upon retiring from international football, Lionel Messi said, "I have nothing left to give."चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। करीब दो दशक तक अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले 39 वर्षीय मेसी ने अपने विस्तृत बयान में कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक और तकलीफदेह है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है।

मेसी ने कहा, “यह एक ऐसा फैसला था जिसने मुझे अंदर से बहुत चोट पहुंचाई और आज भी पहुंचाता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है।”

मेसी ने अपने करियर में छह विश्व कप में हिस्सा लिया। उन्होंने 2022 में कतर में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। 2026 के विश्व कप फाइनल में भी उन्होंने अर्जेंटीना का नेतृत्व किया, हालांकि टीम को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

‘मैंने हमेशा अर्जेंटीना के लिए अपना सब कुछ दिया’

मेसी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम की जर्सी के लिए हमेशा अपना पूरा योगदान दिया। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा इस शर्ट के लिए लड़ाई लड़ी और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी मिले और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीनी होने पर गर्व महसूस हो।”

उन्होंने आगे कहा कि अब उनके करियर का एक और अध्याय समाप्त होने जा रहा है। मेसी ने कहा, “समय बहुत कम बचा है और अलग-अलग अध्याय खत्म होने वाले हैं। यह ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुख देता है। मैं राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना प्यार करता हूं और हमेशा करता रहूंगा। मैंने अपना सब कुछ दिया और अब मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं बचा है।”

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका

अर्जेंटीना के कप्तान ने टीम में उभर रहे युवा खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी आगे आ रहे हैं, जो राष्ट्रीय टीम में जगह पाने के हकदार हैं। मेसी ने प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह टीम के साथ बिताए 20 वर्षों को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा, “इन 20 वर्षों के दौरान मिले प्यार के लिए धन्यवाद। मैं मैदान के अंदर से आपकी आवाज सुनना मिस करूंगा। अब मैं आप लोगों में से एक रहूंगा और बाहर से हमेशा टीम का समर्थन करूंगा—अच्छे समय में भी और बुरे समय में उससे भी ज्यादा।”

परिवार, कोच और साथियों को कहा धन्यवाद

मेसी ने अपने परिवार, कोच, साथियों और टीम के अधिकारियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सफर खूबसूरत होने के साथ-साथ बेहद मुश्किल भी रहा, लेकिन इससे उन्हें ऐसी यादें मिलीं जिन्हें वह कभी नहीं भूलेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं शांति और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि हमने अपने साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए, जिनका हमने कभी सपना देखा था। आपके साथ यह सब अनुभव करना अविश्वसनीय था।” अपने बयान के अंत में मेसी ने कहा, “भगवान का शुक्रिया कि उन्होंने मुझे अर्जेंटीनी बनाया। वामोस अर्जेंटीना!” मेसी ने बताया कि उन्होंने यह बयान 21 जुलाई, विश्व कप फाइनल के दो दिन बाद लिखा था। उन्होंने कहा कि उनके पिता के साथ हुई घटना के बाद अब वह इस फैसले को लेकर पहले से भी अधिक आश्वस्त हैं।

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