शादी करने का कोई पछतावा नहीं है, लेकिन इतनी आसानी से माफ़ नहीं करती: सुनीता आहूजा

I have no regrets about getting married, but I don't forgive easily: Sunita Ahujaचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: गोविंदा और सुनीता आहूजा अपनी कथित शादीशुदा ज़िंदगी की परेशानियों और एक्टर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गोविंदा के अफ़ेयर की अफ़वाहों को लेकर काफ़ी समय से चर्चा में हैं। गोविंदा और सुनीता की शादी 1987 में हुई थी और उनके एक बेटा और एक बेटी है। अब, एक इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने कहा है कि उन्हें गोविंदा से शादी करने का कोई अफ़सोस नहीं है।

बालाजी टेलीफ़िल्म्स के YouTube चैनल से बात करते हुए सुनीता आहूजा ने कहा, “मुझे कोई अफ़सोस नहीं है। जब मैं गोविंदा से मिली थी, तो वह बहुत अच्छे इंसान थे। वह बहुत ईमानदार थे। मैं बहुत इमोशनल इंसान हूँ। लोगों को लगता है कि मैं बहुत सख़्त और कड़क हूँ, लेकिन मैं जो भी कहती हूँ, दिल से कहती हूँ। बहुत कम लोग ही मुझे समझ पाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे उनसे शादी करने का कोई अफ़सोस नहीं है। मैं चाहती हूँ कि लोग अपनी ज़िंदगी जिएं और दूसरों को भी जीने दें। अब हम इस मोड़ पर आ गए हैं कि वह अपनी ज़िंदगी जी रहे हैं और मैंने अपनी ज़िंदगी जीना शुरू कर दिया है। मैं गोविंदा से तब प्यार करती थी जब उनके पास कुछ नहीं था। मैं एक बड़े परिवार से थी और वह नहीं थे, फिर भी मैंने उनसे प्यार किया। मेरे मन में अब भी वही भावना है। मुझे नहीं पता कि उनके मन में अब भी वैसी भावना है या नहीं, लेकिन मेरे मन में तो है।”

जब उनसे पूछा गया कि अगर गोविंदा वापस आना चाहें तो क्या वह उन्हें अपनाएंगी, तो सुनीता ने कोई साफ़ जवाब नहीं दिया। सुनीता आहूजा ने कहा, “मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहती। मैं इतनी आसानी से माफ़ नहीं करती। ‘माफ़ी’ शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं है। आप जो चाहें करें और फिर आकर माफ़ी मांगें।”

उन्होंने आगे कहा, “आप सिर्फ़ उसी की कमी महसूस करते हैं जो आपसे दिल से प्यार करता है। मैं एक स्वाभिमानी महिला हूँ और अपने आत्म-सम्मान को महत्व देती हूँ। मैं एक, दो या तीन बार मौका देती हूँ, लेकिन उसके बाद मैं कहती हूँ, ‘जहाँ चाहो जाओ।’ लेकिन मेरा आत्म-सम्मान मेरे लिए बहुत ज़रूरी है।” सुनीता ने कहा, “अगर कोई आदमी किसी औरत के प्यार की इज़्ज़त नहीं करता, तो मेरा मानना ​​है कि उसे उस औरत की ज़िंदगी से बाहर हो जाना चाहिए। वह उसके लायक नहीं है। अगर कोई आदमी किसी अच्छी औरत की कद्र नहीं कर पाता, तो यह उसका नुकसान है। मैं इसे अपनी बदकिस्मती नहीं मानती।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1988 में अपनी बेटी टीना के जन्म तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। इसके लगभग दस साल बाद, 1997 में उनके बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ।

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