CEC ज्ञानेश कुमार और SIR मुद्दे पर INDIA ब्लॉक की अहम बैठक आज, देशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक आज राजधानी में अहम बैठक करने जा रहा है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दल SIR के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की रूपरेखा भी तय कर सकते हैं।
संविधान क्लब में होने वाली बैठक में 20 से अधिक राजनीतिक दलों के नेता और प्रतिनिधि शामिल होने की उम्मीद है। कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे बैठक में हिस्सा लेंगे।
समाजवादी पार्टी ने सांसद हरेंद्र मलिक और मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी को बैठक के लिए नामित किया है। अखिलेश यादव की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बाद कांग्रेस और सपा ने स्पष्ट किया कि वह उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की व्यस्तता के कारण बैठक में शामिल नहीं होंगे और उनकी जगह दोनों सांसद प्रतिनिधित्व करेंगे।
बैठक में टीएमसी की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, RJD से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के शामिल होने की उम्मीद है।
इसके अलावा NCP (SP) की सुप्रिया सुले, CPM महासचिव एमए बेबी, CPI महासचिव डी. राजा, CPI(ML) नेता दीपांकर भट्टाचार्य और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल समेत अन्य नेता भी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
देशव्यापी आंदोलन की तैयारी
INDIA ब्लॉक की बैठक में SIR के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। विपक्षी दलों की ओर से CEC के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित किए जाने की योजना है। संसद में CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के विकल्प पर भी चर्चा होने की संभावना है।
यह बैठक कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के एक दिन बाद हो रही है। CWC ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की थी और उन पर BJP के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।
खरगे ने सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
CWC की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव को कमजोर किया है।
खरगे ने कहा कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जा रहे हैं और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को केंद्र सरकार का ‘कठपुतली’ बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की भावना के अनुरूप हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और हर वोट की निष्पक्ष गिनती होनी चाहिए।
खरगे ने 2027 में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी मतदाता के अधिकार का उल्लंघन न हो और चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।
कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
CWC में खरगे ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मतदाता सूची में हुए बदलाव से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करना, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें अपील का अवसर देना और सभी राजनीतिक दलों को समय पर सरल प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराना शामिल है।
कांग्रेस ने गंभीर अनियमितताओं वाले मामलों में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी की है। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही गई है, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना छिपाए जाने की आशंका न रहे।
चुनाव आयोग और सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार से जुड़े सूत्रों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की आलोचना को लक्षित और अनुचित बताया है। उनके अनुसार SIR मतदाता सूची के पुनरीक्षण की एक कानूनी और स्थापित प्रक्रिया है, जिसे अदालतों में भी चुनौती का सामना करना पड़ा है और आयोग अपने रुख का बचाव करता रहा है।
सूत्रों के मुताबिक SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की जांच कर मृत, डुप्लीकेट, फर्जी और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें।
सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना है कि विपक्ष द्वारा करीब 11 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग का अर्थ होगा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी किए बिना हटाए गए नामों को दोबारा सूची में शामिल कर दिया जाए।
इस तरह SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। आज की INDIA ब्लॉक बैठक में आंदोलन और संसद की रणनीति पर लिए जाने वाले फैसले इस मुद्दे की आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
