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मकसद किसी को ठेस पहुँचाना या किसी का अनादर करना नहीं था: देश में पहले जैसी “शांति” नहीं बयान पर संजय दत्त की सफाई

The intention was not to hurt or disrespect anyone: Sanjay Dutt clarifies his statement about the country not having the same "peace" as before.
(Pic: Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: संजय दत्त ने भारत के बारे में अपनी हालिया टिप्पणियों पर हुई आलोचना का जवाब दिया है। उन्होंने कहा था कि उन्हें अब देश में पहले जैसी “शांति” महसूस नहीं होती। सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने के बाद, एक्टर ने अब साफ़ किया है कि बातचीत पहले से तय (स्क्रिप्टेड) ​​थी और हल्के-फुल्के अंदाज़ में की गई थी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुँचाना या किसी का अनादर करना नहीं था।

संजय ने X पर अपने बयान में लिखा, “मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि मेरा मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, नाराज़ करना या उनका अनादर करना नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा कि उनकी टिप्पणियाँ एक स्क्रिप्टेड बातचीत के दौरान की गई थीं, जिसका मकसद मज़ाक-मस्ती करना था। उन्होंने कहा, “इसके पीछे की भावना वैसी ही थी जैसी ‘मुन्ना भाई’ जैसी फ़िल्मों में मज़ाक और व्यंग्य में दिखती है, खासकर ‘गांधीगिरी’ के कॉन्सेप्ट में, जिसका मकसद प्यार, अपनापन, एकता और सद्भावना का संदेश देना था। दुर्भाग्य से, मेरे शब्दों का मतलब उस संदर्भ से हटकर निकाला गया।”

संजय ने ये बातें गांधी जयंती के मौके पर एक्टर शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टोनाइट’ में कही थीं। अपने मशहूर ‘मुन्ना भाई’ अंदाज़ में बात करते हुए, जब उनसे देश के मौजूदा हालात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती।

उन्होंने कहा, “इस देश के लोग बहुत प्यारे हैं। यहाँ शांति होनी चाहिए। मुझे अब हमारे देश में वह शांति महसूस नहीं होती। हम भारतीय बड़े दिल वाले लोग हैं और मेहमाननवाज़ी करने वाले हैं। हमने बहुत कुछ दिया है, और हमें हमेशा ऐसा ही बने रहना चाहिए। मैं शिवजी से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिन जल्द ही वापस आएँ।”

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