फडणवीस का विपक्ष पर तीखा हमला,‘गजनी’ की तरह सब भूल गए
चिरौरी न्यूज
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर उस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी हार को स्वीकार न कर पाने और जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
मुंबई में रविवार को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि विपक्ष अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि तमाम प्रचार के बावजूद मार्च में लोगों की मौजूदगी कम रही।
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “वे गजनी बन गए हैं।” उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) बने, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में हुए थे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 2026 में शुरू हुई।
फडणवीस ने सवाल उठाया कि “2026 का SIR और 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने व्यक्ति 2024 के चुनाव को कैसे प्रभावित कर सकते हैं?” उन्होंने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने और चुनाव में जनता द्वारा नकारे जाने की हताशा चुनाव आयोग पर निकालने का आरोप लगाया।
विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं और इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिल सकता है।
रविवार के विरोध मार्च के दौरान उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की। यह मांग इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद उठाई गई, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
इस विरोध मार्च में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात और विजय वडेट्टीवार के अलावा शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख भी शामिल हुए।
