चिरौरी स्पेशलदेश-प्रदेशनीति राजनीतिहाल फिलहाल

विपक्ष को चुनावी हार के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए: अमित शाह

The opposition should introspect instead of holding SIR responsible for the electoral defeat: Amit Shah.
(File Photo)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के अभियान और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को चुनावी हार के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल SIR को बार-बार चुनावी हार का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि SIR का इस्तेमाल घुसपैठियों को बचाने के लिए किया जा रहा है। गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भारी जीत दर्ज करेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ेगा।

CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध

दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि विपक्ष अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेगा।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अमित शाह के 2029 के चुनाव परिणामों को लेकर जताए गए विश्वास पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या गृह मंत्री का यह भरोसा इस बात पर आधारित है कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने रहेंगे?

पवन खेड़ा ने सत्तारूढ़ दल पर संवैधानिक संस्थाओं से समझौता करने का आरोप भी लगाया। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।

SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव

SIR की प्रक्रिया, चुनावी निष्पक्षता और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं। जहां भाजपा कांग्रेस पर चुनावी हार का ठीकरा चुनावी प्रक्रिया पर फोड़ने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रही है।

अब देखना होगा कि यह राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में क्या रुख अपनाता है और क्या विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद में कोई नया मोड़ आता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *