ग्वालियर: मंदिर की दीवार तोड़कर ट्रक घुसा, कुचलकर 13 श्रद्धालुओं की मौत; जांच के आदेश
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर चढ़ गया। इस हादसे में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। यह घटना रात करीब 1:30 बजे छिनोर रोड पर हुई, जहां खड़ी ढलान होने के कारण भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक है।
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक को सड़क पर रोका गया था, लेकिन वह बैरिकेड्स तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गया और ढलान से नीचे की ओर तेजी से बढ़ता हुआ मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। सड़क पर पैदल चल रहे श्रद्धालु वाहन की चपेट में आ गए।
शहर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घटना के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 13 लोगों की मौत हो गई है। घायलों में से 5-6 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें फ्रैक्चर हुए हैं, जबकि बाकी लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?
इस घटना को दुखद बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि कई श्रद्धालु शीतला माता मंदिर जा रहे थे, तभी ट्रक अनियंत्रित हो गया।
उन्होंने कहा, “यह एक दुखद घटना है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर जा रहे थे। छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर एक खड़ी ढलान है, जहां भारी वाहनों का आना प्रतिबंधित है। रात करीब 1:30 बजे, धान से लदे एक ट्रक को वहां रोका गया था। वह पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए अचानक अनियंत्रित हो गया, नीचे की ओर आया और मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया।”
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि प्रशासन को रात करीब 1:30 बजे हादसे की सूचना मिली और उन्होंने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए। उन्होंने बताया, “आज तड़के करीब 1:30 बजे सूचना मिली कि छिनोर की तरफ से मंदिर की ओर आ रहा एक ट्रक अनियंत्रित हो गया और लगातार बाईं ओर मुड़ता चला गया। इसके तुरंत बाद हादसे की खबरें आने लगीं, जिसके बाद एंबुलेंस और अन्य वाहनों को मौके पर भेजा गया।”
प्रशासन ने ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की एक टीम भी भेजी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रक बाईं ओर क्यों मुड़ गया। चौहान ने बताया कि घायलों की स्थिति का आकलन करने और उन्हें सही इलाज मुहैया कराने के लिए डॉक्टर उनका सीटी स्कैन और एक्स-रे कर रहे हैं।
