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जयशंकर के साथ बातचीत से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान: व्यापार समझौते के बहुत करीब दोनों देश

Statement by US Secretary of State Marco Rubio ahead of talks with Jaishankar: Both nations are very close to a trade agreementचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के “बहुत करीब” है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतें और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं, रूसी तेल पर प्रतिबंधों को लेकर वाशिंगटन के फैसलों को प्रभावित करती हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबियो की ये टिप्पणियां 20 अक्टूबर को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी मुलाकात से पहले आई हैं। रूसी तेल और गैस प्रतिबंधों पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट (वेवर्स) के बारे में बात करते हुए, रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखना पड़ा।

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों में हमें प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी, क्योंकि इसका असर वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा था।”

रुबियो ने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूटों पर फैसला लेते समय अमेरिका कई बातों पर विचार करता है, जिसमें यह भी शामिल है कि कुछ देशों को वैकल्पिक स्रोतों से ऊर्जा हासिल करने में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हर देश के सामने कई जटिल कारक होते हैं, जिन्हें ध्यान में रखना पड़ता है। भौगोलिक स्थितियां एक वास्तविकता हैं। कुछ देशों के लिए वैकल्पिक स्रोतों से ऊर्जा प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है।”

उन्होंने कहा कि ये कारक कोई बहाना नहीं हैं, बल्कि विदेश नीति से जुड़े फैसले लेते समय इनके बीच संतुलन बनाना जरूरी होता है। रुबियो ने भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूटों के व्यापक फैसलों से भी जोड़ा। रुबियो की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तय हो चुका है और फिलहाल इसके कानूनी मसौदे (लीगल ड्राफ्टिंग) पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।

दोनों देशों ने फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा (फ्रेमवर्क) की घोषणा की थी। हालांकि, लंबी बातचीत के बावजूद यह समझौता अभी तक लागू नहीं हो पाया है।

गोयल ने पहले कहा था कि समझौते को अंतिम रूप देते समय बदलती वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखना होगा। 14 अक्टूबर को उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को “बहुत अच्छा” बताया और कहा कि व्यापार समझौता पूरा होने में देरी के बावजूद, उन्हें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में कोई समस्या नजर नहीं आती।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक ब्रीफिंग के दौरान बताया कि 20 अक्टूबर को जयशंकर और रुबियो के बीच होने वाली बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा, तथा महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।

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