टेस्ट क्रिकेट के लिए बुमराह को बचाना चाहते हैं रवि शास्त्री
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को लेकर एक अलग रणनीति अपनाने की वकालत की है। उनका मानना है कि भारत को आगामी 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी करते समय सिर्फ सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी बुमराह की उपलब्धता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शास्त्री ने सुझाव दिया है कि बुमराह को तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने से बचाया जाए। उनके अनुसार, भारतीय तेज गेंदबाज को टेस्ट क्रिकेट में नियमित रूप से मौका मिलना चाहिए, जबकि वनडे और टी20 इंटरनेशनल में उन्हें चुनिंदा मुकाबलों के लिए ही मैदान पर उतारा जाना चाहिए।
बुमराह की फिटनेस सबसे बड़ी चिंता
जसप्रीत बुमराह पिछले कुछ वर्षों में चोटों से जूझते रहे हैं। उनकी पीठ की परेशानी और 2023 में हुई सर्जरी के बाद उनके वर्कलोड पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के लिए यह तय करना आसान नहीं होगा कि उन्हें किन सीरीज में खिलाया जाए और किन मुकाबलों में आराम दिया जाए।
शास्त्री का मानना है कि बुमराह को हर सीरीज में उतारने के बजाय उनकी ऊर्जा और फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। भारत के लिए उनकी अहमियत केवल वनडे वर्ल्ड कप तक सीमित नहीं है, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी वह टीम के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल हैं।
टेस्ट सीरीज और वर्ल्ड कप की तैयारी में संतुलन जरूरी
भारतीय टीम के सामने आने वाले समय में टेस्ट और सीमित ओवरों के क्रिकेट का व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। ऐसे में खिलाड़ियों को रोटेट करना और प्रमुख गेंदबाजों को पर्याप्त आराम देना टीम की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।
2027 वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। टूर्नामेंट से पहले भारत को अपनी गेंदबाजी को मजबूत करने के साथ-साथ प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस भी बरकरार रखनी होगी।
शास्त्री की सलाह का मुख्य संदेश यही है कि बुमराह को हर फॉर्मेट में लगातार खिलाने के बजाय उनकी भूमिका और उपलब्धता को सोच-समझकर तय किया जाए। इससे भारत को टेस्ट क्रिकेट में उनकी सेवाएं मिलती रह सकती हैं और वनडे वर्ल्ड कप के लिए भी उन्हें फिट रखने में मदद मिल सकती है।
आखिरकार, भारत के लिए चुनौती केवल बुमराह को मैदान पर उतारने की नहीं, बल्कि उन्हें बड़े मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रखने की होगी। टीम मैनेजमेंट का सही फैसला आने वाले वर्षों में भारतीय गेंदबाजी की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
