विधान परिषद चुनाव: यूपी और कर्नाटक में BJP-NDA का दबदबा, महाराष्ट्र में MVA की बड़ी जीत
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: चार राज्यों की विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने मजबूत वापसी करते हुए नागपुर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। बिहार में भी कई सीटों के नतीजे घोषित हुए, जबकि कुछ सीटों पर मतगणना जारी रही।
नागपुर में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। कांग्रेस समर्थित MVA उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने BJP के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराया। बैलेट पेपर से हुई मतगणना लंबी प्रक्रिया के बाद पूरी हुई।
नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह नगर है। यह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा भी है। इसके अलावा, नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण BJP के लिए राजनीतिक और वैचारिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
जीत के बाद वंजारी ने कहा कि BJP ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी और उसके कई बड़े नेता नागपुर में सक्रिय थे, लेकिन मतदाताओं ने उनका समर्थन नहीं किया।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि RSS मुख्यालय वाले क्षेत्र में BJP उम्मीदवार की हार हुई है। उन्होंने इसे भ्रम का गुब्बारा फूटने और नफरत की राजनीति की हार बताया।
महाराष्ट्र में MVA को तीन सीटें
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों में से सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगी BJP और शिवसेना को एक-एक सीट मिली, जबकि MVA ने तीन सीटों पर जीत का दावा किया।
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में NCP (शरदचंद्र पवार) गुट ने जीत दर्ज की। पार्टी ने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी बढ़त का दावा किया, जहां मतगणना जारी थी। ये दोनों सीटें 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विभाजन से पहले अविभाजित NCP के पास थीं।
उत्तर प्रदेश में BJP ने जीतीं छह सीटें
उत्तर प्रदेश में BJP ने 11 विधान परिषद सीटों में से छह पर जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) को तीन सीटें मिलीं। BJP ने आगरा स्नातक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक और मेरठ की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट भी अपने नाम की। हालांकि, इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने मतदाताओं से जुड़ी गड़बड़ी के आरोप लगाए।
समाजवादी पार्टी ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के साथ वाराणसी शिक्षक और आगरा-अलीगढ़ शिक्षक सीटों पर जीत हासिल की।
कर्नाटक में NDA का क्लीन स्वीप
कर्नाटक में BJP और उसके सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की। यह राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
BJP ने तीन सीटों पर कब्जा किया। शशिल जी. नामोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, एसवी संकनूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और केएम सुरेश ने दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की।
वहीं, BJP की सहयोगी JD(S) के एपी रंगनाथ ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 908 वोटों से जीत दर्ज की।
बिहार में BJP की दो सीटों पर जीत
बिहार में BJP ने घोषित परिणामों के अनुसार तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र सिंह और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनके यादव को विजयी बनाया। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी BJP उम्मीदवार आगे चल रहे थे और वहां मतगणना जारी थी।
अन्य घोषित परिणामों में जनता दल (यूनाइटेड) के नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट जीती, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संजीव कुमार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी रहे। जन सुराज के एसपी राय ने दरभंगा शिक्षक सीट पर जीत हासिल की।
इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और बंशीधर बृजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की।
चार राज्यों के नतीजों में BJP और NDA ने उत्तर प्रदेश तथा कर्नाटक में अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में नागपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर कांग्रेस की जीत ने MVA को राजनीतिक मजबूती दी है। खास तौर पर RSS के मुख्यालय वाले क्षेत्र में BJP की हार को विपक्ष अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है।
