कोलकाता से पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय: पीएम मोदी ने 18 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

A New Chapter in the Development of Eastern India from Kolkata: PM Modi Lays Foundation Stones and Dedicates Projects Worth ₹18,000 Croreचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: कोलकाता से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास को नई गति देने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही लाखों लोगों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।

इन परियोजनाओं में खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे प्रमुख है, जिसके पूरा होने से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। इसके अलावा दुबराजपुर बाईपास और कांग्सावती तथा शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे।

रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इससे व्यस्त रेल मार्गों की क्षमता बढ़ेगी, यात्राएं अधिक सुरक्षित होंगी और यात्रियों को बेहतर गति और सुविधा मिल सकेगी।

इसी अवसर पर कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी सहित छह रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में उद्घाटित किया गया। इन स्टेशनों के पुनर्विकास में बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई, जिससे पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के यात्रियों को लाभ मिलेगा।

पोर्ट और जल परिवहन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के मशीनीकरण से कार्गो संचालन तेज होगा और बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी। वहीं कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज के नवीनीकरण और खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन तथा स्थानीय सेवाओं को नई गति मिलेगी। यह पहल किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और विद्यार्थियों सहित समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी साबित होगी।

सरकार का लक्ष्य है कि मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से पश्चिम बंगाल को ‘विकसित बंगाल’ के रूप में आगे बढ़ाया जाए और पूर्वी भारत के विकास को नई दिशा दी जाए।

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