सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंचा जहाज़, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आया एक जहाज़ बुधवार को मुंबई पोर्ट पर पहुंचा। यह जहाज़ पिछले दो हफ्तों में बढ़े क्षेत्रीय संघर्ष के बाद भारत पहुंचने वाला पहला जहाज़ है, जिसे आपूर्ति श्रृंखला, वैश्विक परिवहन और कमोडिटी बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स करीब 1.35 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुंचा। जहाज़ ने रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया, जहां इन दिनों भारी तनाव और ट्रैफिक बाधाएं देखी जा रही हैं। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी जलडमरूमध्य से होता है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा है कि वह इस मार्ग से तेल की आवाजाही पर रोक लगा सकता है। इसी दौरान भारत की ओर आ रहा थाईलैंड का एक मालवाहक जहाज़ मयूरी नारी भी बुधवार को प्रोजेक्टाइल हमले का शिकार हुआ।
मुंबई पोर्ट पर पहुंचे कच्चे तेल को शहर के माहुल स्थित रिफाइनरी में भेजा जाएगा। इस जहाज़ के पहुंचने को बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ रही थी।
यह जहाज़ रस तनुरा (सऊदी अरब) के बंदरगाह से 1 मार्च को रवाना हुआ था। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, जहाज़ को ईरान द्वारा इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई थी और 8 मार्च को इसका अंतिम लोकेशन होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भीतर दर्ज किया गया था।
इसी बीच गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकरऔर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत हुई। बातचीत के बाद भारत-ध्वज वाले टैंकरों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी गई है।
भारत के शिपिंग मंत्रालय के अनुसार फिलहाल 28 भारतीय जहाज़ पर्शियन गल्फ क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इनमें से 24 जहाज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि 4 जहाज़ पूर्वी हिस्से में हैं जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सात जहाज़ — देश महिमा, देश अभिमान, स्वर्ण कमल, विश्व प्रेरणा, जग विराट, जग लोकेश और LNGC असीम — सुरक्षित रूप से अरब सागर पहुंच चुके हैं। वहीं एक अन्य जहाज़ जग लक्ष्य अंगोला की ओर रवाना हो गया है।
मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। गुरुवार को वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमत 371 रुपये बढ़कर 8,406 रुपये प्रति बैरल पहुंच गई।
