प्रमुख चेहरे रहे राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब से पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया है।
मित्तल, जो संसद के ऊपरी सदन में AAP के उप-नेता के तौर पर चड्ढा की जगह लेंगे, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं। AAP सांसद संजय सिंह सदन में पार्टी के नेता हैं। अब राज्यसभा में AAP के 10 सदस्य हैं: सात पंजाब से और तीन दिल्ली से। BJP, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बाद यह सदन में चौथी सबसे बड़ी पार्टी है।
आज का यह घटनाक्रम काफी अहम है और इससे पार्टी में चड्ढा के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं; चड्ढा को कभी AAP के शीर्ष नेताओं में गिना जाता था और वे केजरीवाल के करीबी लोगों में शामिल थे।
37 साल के चड्ढा AAP की शुरुआत से ही पार्टी का हिस्सा रहे हैं। दिल्ली के मॉडर्न स्कूल के पूर्व छात्र चड्ढा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। चड्ढा की मुलाकात केजरीवाल से ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के आखिरी दौर में हुई थी, जब केजरीवाल और उनके साथी इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि उन्हें कोई राजनीतिक पार्टी बनानी चाहिए या नहीं। उस समय 23 साल के चड्ढा AAP के गठन के साथ ही पार्टी से जुड़ गए थे, और उनका पहला राजनीतिक काम ‘दिल्ली लोकपाल बिल’ का मसौदा तैयार करना था।
राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर चड्ढा AAP का चेहरा बन गए और वे नियमित रूप से टीवी डिबेट्स में नज़र आते थे। 26 साल की उम्र में उन्हें AAP का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। साल 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में चड्ढा राजेंद्र नगर सीट से चुनाव जीते और उन्हें ‘दिल्ली जल बोर्ड’ का उपाध्यक्ष बनाया गया। साल 2022 में उन्हें AAP की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किया गया।
हालांकि, AAP ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है—जिसे चड्ढा का ‘पद घटाना’ (demotion) माना जा रहा है—लेकिन पिछले कई महीनों से पार्टी में उनकी स्थिति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
पार्टी की अहम गतिविधियों से चड्ढा की गैर-मौजूदगी और केजरीवाल व AAP नेता मनीष सिसोदिया को मिली ‘क्लीन चिट’ जैसे घटनाक्रमों पर उनकी चुप्पी ने सत्ता के गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया था। हालांकि, चड्ढा राज्यसभा में लगातार कई अहम मुद्दे उठाते रहे हैं, जिनमें हवाई अड्डों पर खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतें, ‘गिग वर्कर्स’ के अधिकार और बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या जैसे मुद्दे शामिल हैं।
