स्लोवाकिया-भारत व्यापार मंच में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन: दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का आह्वान

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया-भारत व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और यह समय है कि स्लोवाकिया के व्यवसायी भारत के साथ मिलकर अवसरों को ठोस परिणामों में बदलें।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि स्लोवाकिया की मजबूत औद्योगिक बुनियाद और यूरोप में इसकी रणनीतिक स्थिति, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करने के लिए बेहतरीन संभावनाएं प्रस्तुत करती हैं।
उन्होंने कहा, “स्लोवाकिया कुशल और परिश्रमी पेशेवरों की तलाश में है। मुझे विश्वास है कि भारतीय प्रतिभा स्लोवाकिया की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत भागीदार बन सकती है।”
भारत-स्लोवाकिया संबंधों की मजबूती की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि उनके साथ विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जो इस बात का संकेत है कि भारतीय उद्यमी स्लोवाकिया में निवेश और सहयोग को लेकर उत्साहित हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रीनी को भारत-स्लोवाकिया आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज तकनीक, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनकर उभरा है।
फोरम में अपने संबोधन से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाक बच्चों की चित्रकला प्रदर्शनी का दौरा किया। यह प्रतियोगिता ‘परियों की कहानियों में छिपी सुंदरता – स्लोवाक बच्चों की नजर से भारत’ शीर्षक से स्लोवाक-इंडियन फ्रेंडशिप सोसायटी और भारतीय दूतावास द्वारा 2015 से आयोजित की जा रही है।
इसके बाद राष्ट्रपति ने रामायण पर आधारित एक कठपुतली शो भी देखा, जिसका आयोजन लेनका मुकुवा द्वारा किया गया था। लेनका, प्रेसोव स्थित बाबाडलो कठपुतली थियेटर से जुड़ी हैं जो पिछले 30 वर्षों से बच्चों को शैक्षिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षित कर रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ब्रातिस्लावा किले में राष्ट्रपति पेलेग्रीनी द्वारा आयोजित भोज में भी भाग लिया, जहां स्लोवाक कलाकारों ने भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाते हुए आकर्षक संगीत प्रस्तुतियाँ दीं।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने स्लोवाकिया सरकार और वहां की जनता को गर्मजोशी से स्वागत और आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और भारतीय व्यंजन जैसी भारतीय परंपराओं के प्रति स्लोवाकिया में जो लगाव है, वह दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने स्लोवाकिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभनिया, सांसद धवल पटेल, संध्या राय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
उन्होंने स्लोवाकिया की नेशनल काउंसिल के स्पीकर रिचर्ड रासी से भी मुलाकात की और संसदों के बीच सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गौरतलब है कि यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की लगभग तीन दशकों में स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह दो दिवसीय यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक मजबूत आधार बनेगी, विशेष रूप से रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में।
