पश्चिम एशिया में तनाव पर सर्वदलीय बैठक शुरू; TMC ने बहिष्कार किया, राहुल गांधी अनुपस्थित

All-Party Meeting On West Asia Tensions Begins; TMC Boycotts, Rahul Gandhi Absentचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और इस संघर्ष को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक शुरू की है। इस चर्चा का मुख्य फोकस भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर है, जिसमें तेल की आपूर्ति, ज़रूरी सेवाएं और क्षेत्रीय सुरक्षा शामिल हैं।

जहां कई राजनीतिक दल इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने इससे दूर रहने का फैसला किया है; यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है और विदेश नीति को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं।

इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं, और चर्चा में शामिल होने के लिए कई दलों के नेता वहां पहुंच चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बैठक का बहिष्कार किया है, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 मार्च को कहा था कि केरल में पहले से तय एक कार्यक्रम के कारण वे इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति के रुख की आलोचना भी की; उन्होंने कहा कि सरकार को पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों और भारत पर उनके प्रभावों के बारे में और अधिक पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

बैठक में मौजूद नेताओं में सस्मित पात्रा (BJD), ललन सिंह और संजय झा (JDU), तारिक अनवर और मुकुल वासनिक (कांग्रेस), तथा जॉन ब्रिटास (CPI-M) शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी बैठक स्थल पर पहुंच चुके हैं।

इससे पहले राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर नज़र रखने के लिए सरकार ने सात ‘अधिकार प्राप्त समूह’ (Empowered Groups) गठित किए हैं। इन समूहों को LPG की आपूर्ति, ज़रूरी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और अन्य प्रमुख क्षेत्रों की स्थिति का नियमित रूप से आकलन करने का दायित्व सौंपा गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में तेल या गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार और बारीकी से नज़र रखी जा रही है। उम्मीद है कि इस बैठक में मौजूदा घटनाक्रमों की समीक्षा की जाएगी और विपक्षी दलों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *