ईरान से बढ़ते तनाव के बीच यूएस नेवी का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व पहुँचा
चिरौरी न्यूज
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूनाइटेड स्टेट्स नेवी का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के ज़िम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुँच गया। इस तैनाती के बाद अटकलें तेज़ हो गई हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं।
यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72), एक निमित्ज़-क्लास न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, 19 जनवरी को मलक्का जलडमरूमध्य से गुज़रा। इसके साथ तीन अर्ले बर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर—यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रून्स और यूएसएस माइकल मर्फी—एस्कॉर्ट के तौर पर तैनात रहे।
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप “क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने” के उद्देश्य से मध्य पूर्व में तैनात किया गया है। अक्टूबर के बाद यह पहली बार है जब कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मध्य पूर्वी जलक्षेत्र में पहुँचा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस तैनाती को ईरान में दिसंबर के अंत से जारी विरोध प्रदर्शनों और उनके दमन के संदर्भ में दबाव बनाने की रणनीति से जोड़ा। उन्होंने इसे “एहतियातन कदम” बताते हुए कहा कि “हो सकता है हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े,” जिससे शक्ति प्रदर्शन और संभावित कार्रवाई—दोनों के संकेत मिले।
इस बीच पेंटागन ने क्षेत्र में फाइटर जेट और सैन्य कार्गो उड़ानों सहित अतिरिक्त संसाधन भी भेजे हैं, जिससे ईरान के पास अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और बढ़ गई है। इससे वॉशिंगटन के पास सैन्य विकल्पों की गुंजाइश बढ़ी है, जबकि ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
हालाँकि तनाव के बीच अमेरिका ने बातचीत का दरवाज़ा खुला रखा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यदि ईरान संपर्क करना चाहता है तो वॉशिंगटन “बातचीत के लिए तैयार” है और तेहरान को आगे बढ़ने की शर्तें पहले से मालूम हैं।
