सोशल मीडिया के शोर के बीच हर्षित राणा पर हर्षा भोगले की खरी बात, “परफॉर्मेंस को बोलने दीजिए”

Amidst the social media uproar, Harsha Bhogle's blunt message to Harshit Rana: "Let your performance do the talking."
(Photo: X/BCCI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट की तेज़ रफ्तार दुनिया में, जहाँ आजकल सोशल मीडिया की गूंज अक्सर मैदान पर होने वाले असली प्रदर्शन से ज़्यादा तेज़ सुनाई देती है, अनुभवी कमेंटेटर हर्षा भोगले ने युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा के समर्थन में बेहद संतुलित और सटीक बात कही है।

अपने शांत, तथ्यों पर आधारित विश्लेषण के लिए मशहूर भोगले ने साफ़ शब्दों में उस “अनावश्यक शोर” पर निराशा जताई है, जो राणा के प्रदर्शन से ज़्यादा उनकी पर्सनैलिटी और भावनात्मक अंदाज़ को लेकर बनाया जा रहा है।

रविवार को वडोदरा में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच पहले वनडे के दौरान कमेंट्री करते हुए भोगले ने सोशल मीडिया पर हर्षित राणा को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा, “मुझे यह मानना होगा कि हर्षित राणा के बारे में लिखी जा रही कहानियाँ पढ़कर मैं परेशान हो जाता हूँ। मुझे अपना एल्गोरिदम बदलना पड़ा ताकि वह सारी बकवास मुझे न दिखे। लोग भूल जाते हैं कि वह भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में से एक हैं।”

भोगले की यह टिप्पणी केवल एक खिलाड़ी का बचाव नहीं थी, बल्कि उस बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल भी थी, जिसमें सोशल मीडिया की राय को क्रिकेट के आँकड़ों से ज़्यादा अहम मान लिया जाता है।

हर्षित राणा, जो मैदान पर अपने जोश और आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं, अक्सर इसी वजह से बहस का विषय बन जाते हैं। लेकिन भोगले के मुताबिक, यह “शोर” उनके असली योगदान को धुंधला कर देता है।

इन तमाम चर्चाओं के बावजूद, भोगले ने राणा के करियर ग्राफ को “शानदार” बताया। 2024 में पर्थ में टेस्ट डेब्यू करने के बाद से हर्षित तेजी से भारत के उन दुर्लभ खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जो तीनों फॉर्मेट में असर छोड़ने की क्षमता रखते हैं।

2025: हर्षित राणा का ब्रेकथ्रू साल

आँकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया की आलोचना के उलट, राणा का प्रदर्शन लगातार ऊपर की ओर गया है।

  • 2025 में वनडे क्रिकेट में भारत के टॉप विकेट टेकर,
  • 20 वनडे विकेट,
  • चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा,
  • T20I में 7 विकेट,
  • और टेस्ट क्रिकेट में गेंद के साथ-साथ निचले क्रम में अहम रन।

ये सभी उपलब्धियाँ साफ़ संकेत देती हैं कि राणा केवल एक “जोशीला युवा” नहीं, बल्कि भारत की तेज़ गेंदबाज़ी का भरोसेमंद भविष्य हैं।

हर्षा भोगले की बात दरअसल भारतीय क्रिकेट को एक ज़रूरी आईना दिखाती है, जहाँ खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन से आंकना चाहिए, न कि सोशल मीडिया नैरेटिव से।

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