अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ देखकर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, ‘हर शॉट में परफेक्शन’
चिरौरी न्यूज
मुंबई: मेगास्टार अमिताभ बच्चन आने वाली वॉर फिल्म ‘इक्कीस’ में पोते अगस्त्य नंदा को बड़े पर्दे पर देखकर भावनाओं से भर गए। फिल्म देखने के बाद बिग बी ने अपने ब्लॉग पर एक लंबा और भावुक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अगस्त्य की जमकर तारीफ करते हुए उसके परफॉर्मेंस को “हर शॉट में परफेक्शन” बताया।
अमिताभ ने अपने नोट की शुरुआत अपनी मां तेजी बच्चन की पुरानी पारिवारिक यादों से की। उन्होंने बचपन की तस्वीरों का जिक्र किया, जिनमें उनके नाना सरदार खजान सिंह सूरी, उनकी ब्रिटिश नैनी और बड़ी बहन गोविंद मासी नजर आती हैं। इसके साथ ही उन्होंने 1982 के कुली एक्सीडेंट के बाद अस्पताल से घर लौटने पर मां के साथ बिताए पलों और शादी से पहले की एक पुरानी तस्वीर को भी याद किया।
इन यादों को वर्तमान से जोड़ते हुए अमिताभ बच्चन ने उस पल का जिक्र किया जब उन्होंने पहली बार अपने नवजात पोते अगस्त्य को गोद में लिया था। उन्होंने बताया कि कैसे अगस्त्य के जन्म के समय वे ब्रीच कैंडी अस्पताल में मौजूद थे और यह तक चर्चा हुई थी कि बच्चे की आंखें नीली हैं या नहीं।
बिग बी ने अगस्त्य के बचपन से लेकर उसके बड़े होने, अपनी गोद में खेलते हुए उनकी दाढ़ी से खेलने और फिर एक्टर बनने के उसके निजी फैसले तक के पूरे सफर को याद किया। उन्होंने लिखा कि आज जब वे ‘इक्कीस’ में अगस्त्य को स्क्रीन पर देखते हैं, तो उनकी नजरें उससे हटती ही नहीं हैं।
फिल्म में अगस्त्य नंदा परम वीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल का किरदार निभा रहे हैं, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में 21 साल की उम्र में अद्भुत वीरता दिखाई थी। अगस्त्य के अभिनय की तारीफ करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि उनकी परफॉर्मेंस में मैच्योरिटी, ईमानदारी और संयम साफ नजर आता है।
बिग बी ने लिखा कि अगस्त्य के अभिनय में कुछ भी बनावटी या फालतू नहीं है, बल्कि वह पूरी तरह किरदार में ढले नजर आते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह तारीफ एक दादा के तौर पर नहीं, बल्कि सिनेमा के एक अनुभवी दर्शक के तौर पर कर रहे हैं।
अमिताभ बच्चन ने फिल्म की राइटिंग, डायरेक्शन और प्रेजेंटेशन को भी बेदाग बताया और कहा कि फिल्म खत्म होने पर उनकी आंखों में खुशी और गर्व के आंसू आ गए। उन्होंने अपनी भावनाओं को “खामोशी” में समेटते हुए इसे अपने लिए बेहद खास अनुभव बताया।
‘इक्कीस’ न सिर्फ एक वॉर फिल्म है, बल्कि अमिताभ बच्चन के लिए यह एक दादा के गर्व और भावनाओं से भरा हुआ खास पल भी बन गई है।
