ए आर रहमान बोले, “मैसेज रास्ते में बिगड़ जाती हैं”; ‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी पर फिर दी सफाई
चिरौरी न्यूज
मुंबई: ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम कम मिलने और ‘पावर शिफ्ट’ व संभावित “सांप्रदायिक सोच” की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तेज बहस छिड़ गई थी। अब रहमान ने एक बार फिर इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि असली समस्या यह है कि संदेश रास्ते में “करप्ट” यानी गलत तरीके से समझ लिया जाता है।
द ग्रेट इंडियन कपिल शो के हालिया एपिसोड में बातचीत के दौरान रहमान ने कहा, “यह एक अच्छा अभ्यास है यह देखने का कि जानकारी कैसे गलत समझ ली जाती है। अलग-अलग राज्य, अलग-अलग संस्कृतियां। दुनिया की समस्या यही है कि संदेश रास्ते में बिगड़ जाते हैं।”
इस शो में रहमान के साथ उनकी आगामी फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ की टीम—विजय सेतुपति, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ—भी मौजूद थी।
‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी पर रहमान की सफाई
रहमान की टिप्पणी पर लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच उन्होंने 18 जनवरी को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपनी मंशा साफ की थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
रहमान ने वीडियो में कहा, “प्रिय दोस्तों, संगीत हमेशा मेरे लिए जोड़ने, जश्न मनाने और संस्कृति का सम्मान करने का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा शिक्षक है और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन मेरा मकसद हमेशा संगीत के जरिए सम्मान और सेवा करना रहा है।”
क्या कहा था रहमान ने?
हाल ही में BBC एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा था कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें कम काम मिला है। उन्होंने इसके पीछे “पावर डायनेमिक्स में बदलाव” को जिम्मेदार ठहराया था और यह भी जोड़ा था कि इसमें “कहीं न कहीं सांप्रदायिक सोच” भी भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा था, “जो लोग क्रिएटिव नहीं हैं, उनके हाथ में अब फैसले लेने की ताकत है। यह मेरे सामने सीधे नहीं होता, बल्कि ‘चाइनीज व्हिस्पर’ की तरह सुनने में आता है कि आपको बुक किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने पांच और कंपोजर्स को हायर कर लिया।”
हालांकि विवाद के बावजूद ए.आर. रहमान का करियर थमा नहीं है। हाल के वर्षों में उन्होंने तमिल सिनेमा में पोन्नियिन सेलवन I और II, पथु थाला, मामन्नन, अयालान, लाल सलाम, रायन, काधलिक्का नेरामिल्लै और ठग लाइफ जैसी फिल्मों में संगीत दिया है।
वहीं बॉलीवुड में शिकारा, 99 सॉन्ग्स, दिल बेचारा, मिमी, अतरंगी रे, हीरोपंती 2 और तेरे इश्क में जैसी फिल्मों में उनका काम देखने को मिला है। इसके अलावा उन्होंने मलयालम फिल्म मलयंकुंजू के लिए भी संगीत तैयार किया।
रहमान ने एक बार फिर साफ किया है कि उनका बयान किसी समुदाय या इंडस्ट्री के खिलाफ नहीं था, बल्कि बदलते हालात पर एक व्यक्तिगत अनुभव था, जिसे गलत संदर्भ में लिया गया।
