विशेषाधिकार हनन के आरोपों पर आतिशी का जवाब, सिख गुरुओं के खिलाफ टिप्पणी से किया इनकार

Atishi responds to privilege breach allegations, denies making derogatory remarks against Sikh gurus.
(Screenshot/AAP Twitter Video)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को अपना विस्तृत जवाब सौंपते हुए विशेषाधिकार हनन और अवमानना के आरोपों को सख़्ती से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने न तो सदन के भीतर और न ही अपने जीवन में कभी सिख गुरुओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी की है।

दिल्ली विधानसभा सचिव को संबोधित पत्र में आतिशी ने उनके खिलाफ जारी विशेषाधिकार नोटिस को “अस्पष्ट और निराधार” बताया। उन्होंने कहा कि उनसे ऐसे आरोपों पर जवाब मांगा जा रहा है, जिनका न तो कोई ठोस आधार है और न ही उन्हें स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। आतिशी ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित कार्यवाही के दौरान उन्होंने “गुरु” शब्द का भी प्रयोग नहीं किया था।

आतिशी ने बताया कि 15 जनवरी 2026 को जारी नोटिस, 6 जनवरी 2026 को सदन में दिए गए उनके कथित बयान पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस दिन हुई बहस में उन्होंने कहीं भी सिख गुरुओं का कोई उल्लेख, संदर्भ या संकेत तक नहीं दिया था। उन्होंने कहा, “मैं पूरी ईमानदारी से कहना चाहती हूं कि मैंने कभी भी सिख गुरुओं के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी न तो विधानसभा में की है और न ही अपने जीवन में कहीं और।”

अपने पत्र में आतिशी ने सिख गुरुओं के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिख परंपराओं के प्रति सम्मान उनके परिवार के संस्कारों का अहम हिस्सा है। उनके अनुसार, यह सम्मान किसी राजनीतिक प्रतीकवाद का हिस्सा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही एक गहरी व्यक्तिगत आस्था है।

आतिशी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी का उल्लेख करते हुए उन्हें सर्वोच्च बलिदान और मानव गरिमा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान गुरुओं के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना उनके लिए न तो नैतिक रूप से संभव है और न ही वैचारिक रूप से।

आतिशी के इस जवाब के बाद अब विशेषाधिकार समिति इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी।

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