पश्चिम बंगाल के सिनेमाघरों में बंगाली फिल्मों को मिलेगा रोजाना प्राइम टाइम स्लॉट, राज्य सरकार ने दिया आदेश

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में बंगाली सिनेमा की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से एक नया आदेश जारी किया है। बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के सभी सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स की प्रत्येक स्क्रीन पर हर दिन प्राइम टाइम के दौरान कम से कम एक बंगाली फिल्म दिखाना अनिवार्य होगा। प्राइम टाइम की परिभाषा दोपहर 3:00 बजे से रात 9:00 बजे तक के समय को माना गया है। इसका मतलब है कि साल भर में हर स्क्रीन पर कुल 365 प्राइम टाइम शो में बंगाली फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
अधिसूचना में कहा गया है, “राज्य में स्थित हर सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स की हर स्क्रीन पर वर्ष भर में 365 प्राइम टाइम शो में अनिवार्य रूप से बंगाली फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, यानी साल के सभी 365 दिनों में एक बंगाली फिल्म दिखाना अनिवार्य है।”
सरकार ने कहा है कि यह आदेश पहले के 14 सितंबर 2018 के अधिसूचना को निरस्त करते हुए जारी किया गया है और यह निर्णय बंगाली फिल्म इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिसूचना में आगे बताया गया, “इस विषय के सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श के बाद और पश्चिम बंगाल सिनेमा (नियमन) अधिनियम, 1954 की धारा 5 की उप-धारा (3) के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, राज्यपाल ने यह निर्देश जारी करने की कृपा की है।”
सरकार इस फैसले को औपचारिक रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल सिनेमा (सार्वजनिक प्रदर्शन का नियमन) नियम, 1956 में संशोधन करने जा रही है। संबंधित विभागों, स्थानीय प्रशासन और सिनेमा हॉल संघों को इस नियम को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने और हिंदी तथा अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के बीच प्रतिस्पर्धा के माहौल में बंगाली फिल्मों को लगातार मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।