भूमि पेडनेकर ने साझा किया अपनी मां का देश के प्रति समर्पण, ‘राष्ट्रप्रेम विरासत में मिला है’

Bhumi Pednekar shares her mother's devotion to the country, 'patriotism is inherited'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक भावुक वीडियो शेयर किया जिसमें उनकी मां देश के प्रति अपने प्रेम और समर्पण की बात करती नज़र आईं। इस वीडियो के ज़रिए भूमि ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने माता-पिता से देशभक्ति की भावना सीखी और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाया।

“मेरे लिए भारत पहले आता है”: भूमि की मां

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में भूमि की मां भावुक होते हुए कहती हैं, “मुझे अपने देश से प्यार है। मैं कुछ भी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हूं।” “मेरे समय पर लड़कियों को आर्मी में नहीं लिया जाता था, सिवाय मेडिकल कोर के। मैं पैराट्रूपर थी। मैंने दो बार रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा लिया। लोगों को एक बार मौका नहीं मिलता और मैंने दो बार किया।”

वह आगे बताती हैं कि उन्होंने तत्कालीन डायरेक्टर जनरल जनरल बख्शी से इस बात पर बहस की थी कि लड़कियों को सेना में क्यों नहीं लिया जा रहा, जबकि उनका प्रशिक्षण इतना कठोर और उच्चस्तरीय था।

“मैंने कहा, हमारे ट्रेनिंग का क्या फायदा अगर हमें सेना में नहीं लिया जाएगा? लेकिन आज की पीढ़ी के लिए मुझे खुशी है, अब लड़कियों को सेना में शामिल किया जा रहा है।”

भूमि की मां ने गर्व से कहा कि आज की लड़कियां तीनों सेनाओं – थल, जल और वायु – में अहम भूमिका निभा रही हैं। “मैं बहुत गर्व महसूस करती हूं। जो बीज हमने बोए थे, वे अब फल दे रहे हैं।”

राष्ट्रीयता पर गर्व

इस भावुक वीडियो के साथ भूमि ने एक प्रेरणादायक कैप्शन लिखा, “हम फैक्ट्री जाते समय कार में थे और मैंने मां की बातें रिकॉर्ड कर लीं। वो शब्द मेरे दिल में बस गए। बचपन से मां और पापा की कहानियाँ सुनते हुए पली-बढ़ी हूं — जब अवसर कम थे लेकिन उनके सपनों में कोई कमी नहीं थी। उनके लिए भारत सबसे पहले था।”

भूमि ने आगे लिखा, “मैंने अपने देश के लिए प्यार उन्हीं से पाया है। हां, अभी भी बहुत कुछ सुधारने की ज़रूरत है, लेकिन हर पीढ़ी ने अपना योगदान दिया है। अब हमारी बारी है। हम आगे बढ़ते रहें, अपनी एकता, मूल्य, दया और समुदाय की भावना के साथ एक सशक्त भारत बनाएं।”

भूमि पेडनेकर और उनकी मां की यह बातचीत आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कैसे देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह पीढ़ियों से चलती विरासत और कर्म में झलकनी चाहिए। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह वीडियो देश के प्रति सच्चे प्रेम और योगदान की एक गूंज बन गया है।

 

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