पुरानी दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, 10 लोग गिरफ्तार
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार तड़के चलाए गए अभियान के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अतिक्रमणकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश और पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस मामले में अब तक 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू की गई। अभियान दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास की ज़मीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए चलाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि पथराव की घटना में चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने सीसीटीवी और बॉडी कैमरों की फुटेज के आधार पर पथराव करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और अब तक पांच लोगों की पहचान की जा चुकी है। अभियान में कुल 17 बुलडोजर लगाए गए हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई जब एक दिन पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद सैयद इलाही की प्रबंध समिति की याचिका पर नोटिस जारी किया था। समिति ने एमसीडी के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी ज़मीन पर कथित अतिक्रमण हटाने की बात कही गई है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
एमसीडी के मुताबिक, हटाए गए अतिक्रमणों में सड़क का हिस्सा, फुटपाथ, एक सामुदायिक भवन, पार्किंग क्षेत्र और एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “कार्रवाई अभी जारी है। एमसीडी हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमित भूमि पर कार्रवाई कर रही है। रात में कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद न्यूनतम बल का इस्तेमाल कर उन्हें पीछे हटाया गया। कुल मिलाकर अभियान शांतिपूर्ण रहा।”
केंद्रीय रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने पथराव कर अभियान को बाधित करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और हालात बिगड़ने नहीं दिए गए।
हाईकोर्ट के आदेश का मामला
एमसीडी की यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट की 12 नवंबर 2025 की डिवीजन बेंच के आदेश के तहत की जा रही है, जिसमें तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 38,940 वर्ग फुट भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को तीन महीने का समय दिया गया था।
यह आदेश ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ की याचिका पर दिया गया था, जिसकी पैरवी अधिवक्ता उमेश चंद्र शर्मा ने की थी। अक्टूबर 2025 में हुए संयुक्त सर्वे में पाया गया था कि उक्त भूमि पर एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और एलएंडडीओ सहित विभिन्न एजेंसियों की ज़मीन पर अतिक्रमण किया गया है।
मस्जिद सैयद इलाही की प्रबंध समिति ने एमसीडी के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि संबंधित भूमि वक्फ संपत्ति है और वह वक्फ बोर्ड को इसका लीज़ किराया अदा करती है। समिति का दावा है कि वक्फ अधिनियम के तहत इस मामले में वक्फ ट्रिब्यूनल को ही विशेष अधिकार क्षेत्र प्राप्त है।
