अशांति फैलाने की साज़िश: नोएडा में वेतन को लेकर हिंसक प्रदर्शनों पर योगी आदित्यनाथ

Conspiracy to Spread Unrest: Yogi Adityanath on Violent Protests Over Wages in Noidaचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते श्रमिक असंतोष ने अब हिंसक रूप ले लिया है। नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शन उग्र हो गए, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शांति बनाए रखने की अपील की और श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

मुजफ्फरनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” सुरक्षा, सुशासन और सेवा का मॉडल बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राज्य की प्रगति को रोकने के लिए अशांति फैलाने की साजिश कर रहे हैं।

सीएम योगी ने श्रमिकों से सीधे संवाद करते हुए कहा, “मैं सभी कर्मचारियों और मजदूरों से अपील करता हूं कि डबल इंजन सरकार हमेशा आपके साथ है।” उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकार ने मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी।

नोएडा में हिंसा और सुरक्षा कड़ी

नोएडा के फेज-2 सहित सेक्टर 59, 60 और 62 में प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रुख अपनाते हुए वाहनों में आग लगा दी, पत्थरबाजी की और फैक्ट्री परिसरों में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की आठ कंपनियां और RAF के जवान संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं। क्विक रिस्पॉन्स टीमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में लगाई गई हैं और रात में गश्त बढ़ा दी गई है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को राज्य के बाहर से भड़काया गया था और कई जगह विरोध हुआ, लेकिन केवल एक स्थान पर हिंसा हुई। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रित करने के लिए “न्यूनतम बल” का उपयोग किया गया और कोई फायरिंग नहीं हुई।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात अब सामान्य हो गया है। अधिकांश इलाकों में भीड़ को हटा दिया गया है, हालांकि कुछ जगहों पर अभी भी छोटे समूह मौजूद हैं।

हरियाणा से शुरू हुआ आंदोलन

यह पूरा विवाद 3 अप्रैल को हरियाणा के IMT मानेसर स्थित होंडा प्लांट में शुरू हुआ, जहां हजारों मजदूरों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। 6 अप्रैल तक यह आंदोलन कई कंपनियों में फैल गया।

हालांकि हरियाणा सरकार ने 1 अप्रैल से न्यूनतम वेतन में 35% तक बढ़ोतरी की घोषणा की, लेकिन इसके क्रियान्वयन में देरी और संचार की कमी के कारण श्रमिकों में नाराजगी बनी रही।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय चरम पर है और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मजदूरों की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में फिर से प्रदर्शन होने की आशंका है, जिससे प्रशासन सतर्क बना हुआ है।

 

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