जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद के बीच वार्ता, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने सोमवार को कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद से बातचीत को “फलदायी” बताया। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत–कनाडा द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए जयशंकर ने कहा, “आज सुबह कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद के साथ एक फलदायी बातचीत हुई। द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने और उच्च-स्तरीय आदान–प्रदान जारी रखने पर चर्चा की।”
भारत और कनाडा के बीच संबंधों में हाल के महीनों में तेजी आई है। यह प्रगति जून में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठक के बाद देखने को मिली। इसके बाद दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों की पुनर्नियुक्ति की और भविष्य के सहयोग के लिए एक साझा रोडमैप की घोषणा की। यह रोडमैप 12–14 अक्टूबर 2025 के दौरान विदेश मंत्री अनिता आनंद की भारत यात्रा के समय घोषित किया गया था।
इससे पहले, 17 जनवरी को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात की। गोयल ने इस बैठक को उत्पादक बताते हुए कहा कि इसमें भारत–कनाडा आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने तथा क्रिटिकल मिनरल्स, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
गोयल ने कहा, “हमने नए अवसरों को खोलने और दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने के लिए सतत संवाद के महत्व की पुनः पुष्टि की।”
इसके अलावा, 21 जनवरी को टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ‘इंडिया–कनाडा एआई डायलॉग 2026’ की मेजबानी की। इस उच्च-स्तरीय संवाद में समावेशी, जिम्मेदार और प्रभाव-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया और साझा आर्थिक व सामाजिक लाभों के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया गया।
यह संवाद यूनिवर्सिटी ऑफ वॉटरलू, इंडिया टेक काउंसिल और जोहो इंक के सहयोग से आयोजित किया गया। भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, यह कार्यक्रम ग्लोबल साउथ में होने वाले प्रमुख ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ (19–20 फरवरी, नई दिल्ली) से पहले आयोजित किए गए चुनिंदा प्री-समिट कार्यक्रमों में से एक है, जिसका उद्देश्य विविध दृष्टिकोणों को एक साथ लाना और वैश्विक स्तर पर एआई सहयोग को गति देना है।
