विदेश मंत्री एस. जयशंकर का फ्रांस और लक्ज़मबर्ग दौरा, भारत–यूरोप साझेदारी को मिली नई मजबूती

External Affairs Minister S. Jaishankar's visit to France and Luxembourg strengthens India-Europe partnership.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 4 से 9 जनवरी के बीच फ्रांस गणराज्य और ग्रैंड डची ऑफ लक्ज़मबर्ग की आधिकारिक यात्रा की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह दौरा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

फ्रांस प्रवास के दौरान डॉ. जयशंकर ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्री ज्यां-नोएल बारो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बातचीत में भारत–फ्रांस संबंधों की प्रगति, प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और आगामी उच्चस्तरीय राजनीतिक बैठकों पर चर्चा हुई।

‘भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष’ के संदर्भ में दोनों देशों ने नवाचार और प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विविध बनाने के तरीकों पर विचार किया। साथ ही रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु सहयोग, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग की समीक्षा की गई। इस दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

फ्रांसीसी विदेश मंत्री के आमंत्रण पर डॉ. जयशंकर ने फ्रांस के 31वें एंबेसडर्स कॉन्फ्रेंस को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में संबोधित किया। वह इस मंच पर यह सम्मान पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय विदेश मंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में हो रहे बदलावों और रणनीतिक स्वायत्तता के महत्व को रेखांकित किया।

इसके अलावा, विदेश मंत्री ने पहली भारत–वाइमर विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया, जिसमें फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड के विदेश मंत्री शामिल थे। बैठक में भारत–यूरोप और भारत–यूरोपीय संघ संबंधों को और गहरा करने पर ज़ोर दिया गया।

डॉ. जयशंकर ने फ्रांस की संसद के सदस्यों, भारत–फ्रांस संसदीय मैत्री समूहों तथा रक्षा और विदेश मामलों की संसदीय समिति के साथ भी बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक फातिह बायरोल और यूनेस्को के महानिदेशक खालिद एल-एनानी से भी मुलाकात की।

लक्ज़मबर्ग दौरे के दौरान विदेश मंत्री ने ग्रैंड ड्यूक गिलौम से शिष्टाचार भेंट की और प्रधानमंत्री लुक फ़्रीडेन से मुलाकात की। उन्होंने उप प्रधानमंत्री एवं विदेश और विदेश व्यापार मंत्री ज़ेवियर बेटेल के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।

इन चर्चाओं में भारत–लक्ज़मबर्ग संबंधों के सभी पहलुओं — राजनीतिक सहयोग, व्यापार और निवेश, वित्तीय सेवाएं, नवाचार, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष सहयोग और जन-जन संपर्क — की समीक्षा की गई। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।

डॉ. जयशंकर ने लक्ज़मबर्ग में भारतीय समुदाय के सदस्यों को भी संबोधित किया और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा फ्रांस और लक्ज़मबर्ग के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व को रेखांकित करता है, साथ ही यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक साझेदारी और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत–यूरोप के बढ़ते हितों के समन्वय को भी उजागर करता है।

 

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