दिल्ली कार ब्लास्ट से पहले आतंकी उमर को पनाह देने वाला फरीदाबाद निवासी गिरफ्तार, NIA की कार्रवाई तेज
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली/फरीदाबाद: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को फरीदाबाद के धौज निवासी सोयब को गिरफ्तार किया है। सोयब पर आरोप है कि उसने दिल्ली में हुए 10 नवंबर के कार बम धमाके से ठीक पहले कुख्यात आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ़ उन नबी को पनाह दी थी और उसे आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध कराई थी।
यह गिरफ्तारी NIA द्वारा की गई सातवीं पकड़ है। इससे पहले एजेंसी उमर के छह करीबी सहयोगियों को हिरासत में ले चुकी है। यह कार्रवाई मामले के तहत दर्ज RC-21/2025/NIA/DLI के तहत जारी व्यापक जांच का हिस्सा है।
NIA के अनुसार, एजेंसी कई सुरागों पर काम कर रही है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कई राज्यों में छापेमारी अभियान चला रही है। उद्देश्य है — इस बड़े आतंकी नेटवर्क के सभी सदस्यों तक पहुँचना जो दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए घातक आत्मघाती हमले से जुड़े हुए हैं। इस हमले में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे।
‘मोबाइल वर्कस्टेशन’ से करता था बम तैयार
जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हिरासत में लिए गए आरोपियों के अनुसार, आतंकी उमर एक बड़ा सूटकेस साथ लेकर चलता था, जिसे वह अपना “मोबाइल वर्कस्टेशन” कहता था। इस सूटकेस में बम बनाने के उपकरण, रसायन और कंटेनर मौजूद रहते थे।
उमर, जो फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक मेडिकल प्रोफेशनल था, परिसर में अपने कमरे में छोटे-छोटे रासायनिक परीक्षण किया करता था। गिरफ्तार किए गए एक आरोपी डॉ. मुज़म्मिल शकील ने भी इसकी पुष्टि की कि उमर ने उन्हीं रसायनों का प्रयोग किया जिन्हें बाद में विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि उमर ने पहले नियंत्रित मात्रा में रासायनिक प्रतिक्रियाओं का परीक्षण किया, जिसके बाद उसने अंतिम IED तैयार की। पुलिस ने उसके सूटकेस से बरामद सामग्री से इन बातों की पुष्टि की।
कार में अधूरी IED लेकर पहुँचा था आतंकी
जांचकर्ताओं के अनुसार, उमर आत्मघाती हमले में इस्तेमाल Hyundai i20 कार में ही एक अधूरी IED लेकर निकला था। हमले से कुछ पहले उसने इस विस्फोटक को पूरा करने के लिए एसीटोन, पिसी हुई शक्कर और यूरिया को मिलाया — ये सभी सामग्री आसानी से उपलब्ध होती हैं।
मूल योजना यह थी कि आतंकियों द्वारा हरियाणा में छुपाए गए विस्फोटकों को जम्मू-कश्मीर ले जाया जाए, जहाँ उमर कोई बड़ी वारदात करने वाला था। लेकिन योजना विफल होने पर हमले के लिए आवश्यक यूरिया को उसने नूंह–मेवात क्षेत्र से जुटाया।
गिरफ्तार आरोपी मुज़म्मिल शकील के अनुसार, उमर उन नबी खुद को इस आतंकी मॉड्यूल का ‘अमीर’ (नेता) कहता था। वह नौ भाषाएँ जानता था और मॉड्यूल में सबसे ज्यादा शिक्षित और बुद्धिमान माना जाता था।
