गौतम गंभीर ने कहा, कीर्ति आज़ाद का बयान टीम की उपलब्धि को कम करने की कोशिश
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत के टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम के अहमदाबाद के हनुमान मंदिर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद ने इस कदम की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि ट्रॉफी केवल एक मंदिर में ही क्यों ले जाई गई और अन्य धर्मस्थलों पर क्यों नहीं ले जाई गई।
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आज़ाद ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर ट्रॉफी को किसी धार्मिक स्थल पर ले जाया जा रहा है तो सभी धर्मों के स्थलों पर भी ले जाना चाहिए।
इस पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए गंभीर ने कहा कि ऐसे बयान देने का कोई मतलब नहीं है और यह टीम की उपलब्धि को कम करने की कोशिश है।
गंभीर ने कहा, “इस सवाल का जवाब देना भी जरूरी नहीं है। यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है। हमें विश्व कप जीत का जश्न मनाना चाहिए। ऐसे बयान केवल खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि को कम करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर हर बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो लोग बेवजह टीम की उपलब्धियों पर सवाल उठाते रहेंगे, जो खिलाड़ियों के साथ न्याय नहीं है। गंभीर ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को अपनी जीत को अपने तरीके से मनाने का पूरा अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की धार्मिक या राजनीतिक दखलअंदाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कीर्ति आज़ाद की टिप्पणियों को टीम और खिलाड़ियों की उपलब्धि को कमतर दिखाने वाला बताया।
गौरतलब है कि भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद टीम के कुछ सदस्य अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे थे, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।
