असम में हिज़्बुल मुजाहिदीन आतंकी साजिश मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद कमरुज ज़मान को उम्रकैद

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने असम में हिज़्बुल मुजाहिदीन (HM) आतंकी संगठन से जुड़े साजिश मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद कमरुज ज़मान उर्फ डॉ. हुरैराह उर्फ कमरुद्दीन को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। गुवाहाटी स्थित NIA की विशेष अदालत ने आरोपी को साधारण कारावास (SI) की सजा देते हुए अधिकतम उम्रकैद का आदेश दिया है।
दोषी करार दिया गया आरोपी मोहम्मद कमरुज ज़मान उर्फ डॉ. हुरैराह उर्फ कमरुद्दीन है। अदालत ने उसे तीन अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई है, जिनमें सबसे गंभीर सजा यूएपीए की धारा 18 के तहत आजीवन कारावास है। इसके अलावा, यूएपीए की धारा 18B (आईपीसी की धारा 120B के साथ) और धारा 38 के तहत पाँच-पाँच साल की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
अदालत ने आरोपी पर प्रत्येक मामले में 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एनआईए के अनुसार, यह मामला जामुनामुख, होजाई (असम) से जुड़ा है, जहाँ वर्ष 2017-18 के दौरान आरोपी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज़्बुल मुजाहिदीन का मॉड्यूल खड़ा करने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी। इस साजिश का उद्देश्य आम लोगों में भय का माहौल पैदा करना था।
जांच में सामने आया कि कमरुज ज़मान ने शहनवाज़ आलम, सैदुल आलम और उमर फारूक सहित अन्य लोगों को इस आतंकी नेटवर्क में भर्ती किया था।
एनआईए ने इस मामले में मार्च 2019 में कुल पाँच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से शहनवाज़ आलम, सैदुल आलम और उमर फारूक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया। जबकि पाँचवां आरोपी जयनाल उद्दीन की मुकदमे के दौरान बीमारी से मृत्यु हो गई थी।
