इंदौर में ग्लेन फिलिप्स ने 83 गेंदों में शतक लगाकर न्यूजीलैंड को दिलाई बढ़त
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंदौर में खेले गए मैच में न्यूजीलैंड की पारी में अधिकांश समय ध्यान डैरेल मिशेल पर था, जिन्होंने मध्य ओवरों में टीम को संभाले रखा। लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, ग्लेन फिलिप्स ने अपनी कप्तानी और बेहतरीन बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह से न्यूजीलैंड की ओर मोड़ दिया। फिलिप्स ने 83 गेंदों में शानदार शतक बनाकर टीम को निर्णायक बढ़त दिलाई।
असामान्य रूप से नंबर 5 पर बल्लेबाजी करते हुए फिलिप्स ने शुरुआत में संयम दिखाया। सीमित अवसरों में चौके जुटाना मुश्किल था और भारत के गेंदबाजों ने उन्हें शुरुआती ओवरों में काबू में रखा। पहले चौके के लिए उन्हें 36 गेंदें लगीं, जो मोहम्मद सिराज की गेंद पर पुल शॉट खेलकर आए। इस दौरान मिशेल ने लगातार स्ट्राइक रोटेट कर पारी को संतुलित रखा।
फिलिप्स की धीमी शुरुआत उनकी रणनीति का हिस्सा थी, हताशा का नहीं। उन्होंने पारी की नींव बनाने पर ध्यान दिया और बाद में तेजी से रन बनाने की योजना बनाई। एक समय वह 35 गेंदों में 21 रन पर थे — आंकड़ों में कम दिखता था, लेकिन विकेट सुरक्षित रखते हुए टीम को नियंत्रण में रखने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण था।
मिड-इंज के आसपास छोटे ब्रेक के बाद खेल ने अचानक रुख बदला। फिलिप्स ने 11 गेंदों में 21 से 43 रन बना लिए। उनके शॉट की टाइमिंग सटीक हुई, पैर की तकनीक बेहतर हुई और भारत के गेंदबाजों के लिए कोई गलती की गुंजाइश नहीं रही।
फिलिप्स ने नियंत्रण और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने गेंदों के बीच गैप को भुनाया, लंबी गेंदों को सज़ा दी और विकेट पर अपनी चालाकी दिखाई। उनका शतक केवल 83 गेंदों में पूरा हुआ — धैर्यपूर्ण शुरुआत से लेकर आक्रामक समापन तक का अद्भुत प्रदर्शन।
मिशेल-फिलिप्स की साझेदारी ने बढ़ाया दबदबा
मिशेल और फिलिप्स की साझेदारी न्यूजीलैंड की पारी की रीढ़ बन गई। दोनों ने मिलकर 219 रन जोड़े, जिससे मैच का रुख पूरी तरह बदल गया और भारत मध्य ओवरों में पीछा करता नजर आया। मिशेल की शांत और संतुलित बल्लेबाजी ने फिलिप्स को खुलकर खेलने का अवसर दिया।
शतक के बाद न्यूजीलैंड की ड्रेसिंग रूम में तालियों की गड़गड़ाहट हुई, और मिशेल ने फिलिप्स को गले लगाकर उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
सबसे महत्वपूर्ण, इस पारी ने फिलिप्स की भविष्य की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। आमतौर पर नंबर 6 पर दिखने वाले फिलिप्स ने नंबर 5 पर अपनी पूरी क्षमता दिखाई — शुरुआती दबाव को सहने और सेट होने के बाद तीव्रता से रन बनाने की क्षमता। इस प्रदर्शन के बाद ऐसा लगता है कि फिलिप्स ने केवल नंबर 5 पर जगह नहीं बनाई, बल्कि इसे अपना बना लिया है।
