भारत OALP के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में करेगा ऊर्जा अन्वेषण: हरदीप पुरी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करते हुए, ओपन एक्रिएज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (OALP) के राउंड-X के तहत 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तेल और गैस अन्वेषण की योजना बनाई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “हम तैयार हैं! ऊर्जा के एक नए युग में प्रवेश करने के लिए… तेल और गैस अन्वेषण एवं उत्पादन के क्षेत्र में अब कोई रुकावट नहीं है, केवल संभावनाएं हैं।”
इस संबंध में पुरी ने नॉर्वे के बर्गन में आयोजित ऑफशोर एनर्जी क्लस्टर की बैठक में भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘नो गो’ क्षेत्र को खोलने का साहसी निर्णय भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हरदीप पुरी ने ओस्लो में BW-LPG के सीईओ क्रिस्टियन सोरेन्सन से भी मुलाकात की। BW-LPG विश्व की सबसे बड़ी एलपीजी शिपिंग कंपनियों में से एक है और इसके पास 4 मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक वहन क्षमता वाले वीएलजीसी (Very Large Gas Carriers) जहाज हैं। पुरी ने बताया कि यह कंपनी भारत में होने वाले कुल एलपीजी आयात का 20% हिस्सा संभालती है। इस मुलाकात में भारत और BW-LPG के बीच सहयोग को और सशक्त करने के उपायों पर चर्चा की गई।
इस बीच, OALP राउंड-X के तहत पेश किए गए तेल और गैस ब्लॉक्स ने पहले ही वैश्विक और घरेलू ऊर्जा कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया है और यह दौर भागीदारी और निवेश के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने ड्राफ्ट पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, मॉडल रेवेन्यू शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट (MRSC) और पेट्रोलियम लीज़ पर 17 जुलाई 2025 तक सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित की हैं।
हरदीप पुरी आगामी 17 जुलाई को ‘उर्जा वार्ता 2025’ में भाग लेंगे, जो कि भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत के राउंड-X एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन बिडिंग की तैयारी का हिस्सा है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा ग्लोबल ऑइल-गैस ब्लॉक ऑफर माना जा रहा है।