भारतीय अर्थव्यवस्था Q2 में 7% के अनुमान से आगे निकलने की तैयारी

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार को जारी होने वाले अप्रैल–जून के बाद जुलाई–सितंबर (Q2 FY26) तिमाही के GDP आंकड़ों से पहले आर्थिक हलकों में उम्मीदों का दौर तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की टैरिफ नीति और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद इस तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत के अनुमान को पार कर सकती है।
Q1 FY26 में GDP विकास दर 7.8 प्रतिशत रही थी, जो पांच तिमाहियों का उच्चतम स्तर था। विशेषज्ञों का मानना है कि Q2 के आंकड़े भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दोहराएंगे।
मजबूत घरेलू मांग और निवेश से अर्थव्यवस्था को सहारा
भारतीय अर्थव्यवस्था का दृष्टिकोण ‘सावधानीभरे आशावाद’ वाला माना जा रहा है, जिसमें मजबूत घरेलू मांग, ग्रामीण उपभोग में सुधार, और सेवाओं व विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी को मुख्य आधार बताया जा रहा है। SBI की नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है कि GST 2.0 जैसे सुधार निजी उपभोग और घरेलू मांग को बढ़ावा देंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, SBI द्वारा ट्रैक किए जाने वाले 50 प्रमुख संकेतकों में से 83 प्रतिशत ने Q2 FY26 में तेजी दिखाई, जो Q1 के 70 प्रतिशत से अधिक है। मॉडल के आधार पर, SBI ने Q2 के लिए 7.5–8.0 प्रतिशत GDP ग्रोथ का ‘नाउकास्ट’ जारी किया है, जबकि GVA वृद्धि को 8 प्रतिशत आंका गया है।
जोखिम बरकरार, पर दृष्टिकोण मजबूत
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवधानों से जोखिम बना हुआ है। हालांकि, आयकर और GST दरों में तर्कसंगत सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती, महंगाई में नरमी और RBI की ब्याज दरों में कटौती FY26 में विकास को सहारा दे सकती है।
कुल मिलाकर, भारत का निकट भविष्य मजबूत दिख रहा है और स्थिर मैक्रोइकोनॉमिक माहौल मध्यम अवधि में भी विकास की गुंजाइश बढ़ा रहा है।
